कृषि उपज मंडी में डॉलर चना फसल के उचित मूल्य नहीं मिलने से नाराज किसानों ने खरगोन में जम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने यहां सोमवार को स्थानीय बावड़ी बस स्टैंड स्थित चित्तौड़ भुसावल एवं खंडवा–बड़ौदा नेशनल हाइवे पर चक्का जाम किया। किसानों का आरोप है कि मंडी में चना का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मंडी परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी की।
आक्रोशित किसानों ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंडी के कुछ कर्मचारियों को कमरे में बंद कर दिया। किसानों का कहना था कि जब तक उन्हें उनकी उपज का उचित दाम देने का आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात बाधित होने से राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।
करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन द्वारा किसानों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। एसडीएम और मंडी के भारसाधक अधिकारी वीरेंद्र कटारे ने किसानों से बात करते हुए कहा कि किसानों की मांगों को सुना जाएगा। इधर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य है।
जमानिया के देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि डालर चने का भाव 7000 रुपए क्विंटल से कम मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों ने युद्ध का हवाला देकर यह भाव देने की बात कही। वह कहते हैं कि युद्ध तो अभी शुरू हुआ जबकि कम भाव पहले से मिल रहे हैं। 1 दिन में एक से डेढ़ हजार रुपए प्रति क्विंटल तक भाव कम हुआ है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही चना का उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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