पर्यावरण आज | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं और जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी देखेंगे। मध्य प्रदेश अब सैटेलाइट से खदानों की निगरानी करेगा। कर्नाटक में सूखे से दूध और अंडों की गुणवत्ता घटी है। दिल्ली में हवा फिर खराब हुई है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बन सकता है। कैलिफोर्निया में दुर्लभ लोमड़ियां सोलर फार्म में रहने लगी हैं। आज की चर्चा में बात करेंगे इंदौर जल संकट पर।
आज की हेडलाइन्स
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत में हैं। वे आज जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी देखेंगे। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के तेल उत्पादन को बढ़ाने में भारत भूमिका निभा सकता है।
मध्य प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के लिए अब खदानों की निगरानी सैटेलाइट से कराएगा। बिना अनुमति या निर्धारित गहराई से अधिक खनन पर पेनल्टी लगेगी।
कर्नाटक में सूखे की वजह से पशुओं के दूध और पोल्ट्री अंडों का न्यूट्रिशन घट गया है। दूध में विटामिन और सॉलिड फैट कंटेंट की कमी की वजह से क्वालिटी में कमी आई है।
दिल्ली में दशहरे के बाद वायु गुणवत्ता गिर गई है। लोग सुबह उठे तो हर तरफ धुंध की चादर देखने को मिली। गिरते तापमान, पराली जलाए जाने और वायु प्रदूषण नियंत्रण में असफलता के कारण इस वर्ष भी दिल्लीवासियों को प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ेगी।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा दबाव अगले दो दिनों में चक्रवात में बदल सकता है। इससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रभावित होने की संभावना है।
कैलिफोर्निया में एंडेंजर्ड लोमड़ियां सोलर फार्म को अपना आवास बना रही हैं। यहां वे शिकारी जानवरों से सुरक्षित रहती हैं।
आज की चर्चा
इंदौर में जल संकट
शिशिर अग्रवाल, ग्राउंड रिपोर्ट

पल्लव मध्य प्रदेश में इन्दौर समेत 55 नगरीय निकाय पानी की कमी से जूझ रहे हैं. दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार अब इन निकायों ने प्रदेश सरकार से लगभग 100 करोड़ मांगे हैं. सबसे ज्यादा राशि इंदौर ने मांगी है जो साल में दूसरी बार जल संकट के लिए चर्चा में है. ये ध्यान देना ज़रूरी है कि ये सभी निकाय प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आते हैं जो इस बार बारिश की कमी से जूझ रहा है. इन निकायों ने टैंकर्स और बिजली बिल के भुगतान के लिए अलग से पैसे मांगे हैं. ये मांग यह बताती है कि हमारे नगरीय निकाय किसी भी इमरजेंसी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं. ना ही सरकार की अलनीनो को लेकर कोई भी तैयारी है.
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
पर्यावरण सिर्फ खबर नहीं, यह हमारी सांसों का सवाल है। ग्राउंड रिपोर्ट की कोशिश है कि इन मुद्दों को ज़मीनी स्तर पर उठाया जाए और चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया जाए। अगर आप पर्यावरण पत्रकारिता को ज़रूरी मानते हैं, तो इस एपिसोड को शेयर करें और हमें अपना फीडबैक भेजें।
ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।
Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India
We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.
Connect With Us
Send your feedback at greport2018@gmail.com
Newsletter
Subscribe our weekly free newsletter on Substack to get tailored content directly to your inbox.
When you pay, you ensure that we are able to produce on-ground underreported environmental stories and keep them free-to-read for those who can’t pay. In exchange, you get exclusive benefits.
Your support amplifies voices too often overlooked, thank you for being part of the movement.




