प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान योजना 2025-26 का शुभारंभ किया। यह योजना उन बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए। इस योजना से प्रदेश के 92 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ध्येय सबके लिए रोशनी – सबके लिए प्रगति है, और यह योजना उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाधान योजना से लगभग 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के सरचार्ज माफ किए जा रहे है। तीन माह या उससे अधिक अवधि से बकाया रखने वाले घरेलू, कृषि, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट दी जाएगी।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को दो चरणों में लाभ मिलेगा। पहले चरण में (3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक) अधिकतम छूट और दूसरे चरण में (1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक) अपेक्षाकृत कम छूट का प्रावधान है।
सरकार ने योजना को जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान करें और ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित किया है। घरेलू व कृषि उपभोक्ता कुल बकाया का 10 प्रतिशत, जबकि गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता 25 प्रतिशत राशि जमा कर योजना में पंजीकरण करा सकते है।
योजना में एकमुश्त भुगतान करने वालों को अधिकतम 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफी मिलेगी, जबकि किश्तों में भुगतान करने वालों को 50 से 70 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली की सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने योजना को सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे निर्बाध बिजली और आबादी को 24 घंटे बिजली देने के लिए कृत संकल्पित है। वर्ष 2024-25 में राज्य के 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई है।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य की 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का है। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बायोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत उत्पादन क्षमता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना में विकसित की जा रही राज्य की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से मात्र ₹2.70 प्रति यूनिट की दर से बिजली प्राप्त हो रही है, जो अब तक की सबसे सस्ती दर है।
योजना के नियम और शर्ते
बिजली उपभोक्ताओं के हित में विभाग द्वारा नई योजना लागू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकरण रसीद के साथ संभावित छूट की धनराशि तथा किश्तों या बकाया धनराशि के एकमुश्त भुगतान की नियत तिथियों की तालिका प्रदर्शित की जाएगी।
शेष बकाया बिल का पूर्ण भुगतान करने पर आगामी बिल में उपभोक्ताओं को विलंबित अधिभार में दी गई छूट दर्शाई जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के देयकों में ऑडिट रिकवरी या विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत राशि जुड़ी है, वे इसका पूर्ण भुगतान करने के बाद ही योजना का लाभ ले सकेंगे। आरआरसी जारी उपभोक्ता भी पात्र रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 3 नवंबर को लॉन्च की गई इस योजना के तहत तीन माह से अधिक पुराने बिजली बिल बकायादारों को सरचार्ज में 60 से 100 प्रतिशत तक छूट मिल रही है। योजना की शुरुआत के दो दिनों में ही 1366 से अधिक उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया और लगभग 2.70 करोड़ रुपए मूलधन के रूप में जमा किए, जबकि 1.53 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया।
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