मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों की सरकारी भवनों की छतों पर सोलर रूफटॉप पैनल लगाने का महत्त्वपूर्ण निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है। ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बुधवार को कहा कि सरकार ने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2025 के अंत तक प्रदेश के सभी सरकारी भवनों पर सोलर रूफ-टॉप लगाए जाएंगे।
इस फैसले के तहत पूर्व योजना के अनुरूप भोपाल में 211 भवनों पर कुल 15,695 किलोवाट (केवी) क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त राज्य-स्तर पर 16 जिलों में लगभग 700 सरकारी भवनों को PPP (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल से सोलर पैनल इंस्टालेशन हेतु शामिल किया गया है। इससे कुल 33,056 किलोवाट बिजली उत्पादन की क्षमता बनेगी।
यह योजना इस दृष्टि से अनूठी है कि जिले-स्तर पर 20 किलोवाट तक की परियोजनाओं के लिए टेंडर उसी जिले में जारी होंगे, जिससे स्थानीय विकास एवं निर्माण में तेजी लाई जा सकेगी। सरकारी भवनों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने की जिम्मेदारी एक विकासकर्ता यूनिट (निजी कंपनी) को 25 वर्ष की अवधि के लिए दी जाएगी। वहीं इस अवधि के दौरान रखरखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) को सौंपा गया है।
प्रदेश सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस रूफ-टॉप सोलर कार्यक्रम को 2025 अंत तक सभी सरकारी भवनों पर लागू करने का लक्ष्य है। ऊर्जा मंत्री द्वारा बताया गया कि इस प्रकार की पहल न केवल विद्युत-खर्च में कटौती करेगी बल्कि राज्य की अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को भी सुदृढ़ करेगी।
योजना के माध्यम से भोपाल सहित अन्य जिलों में सरकारी भवनों की छतें सोलर पैनल-संयंत्र के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी, साथ ही इन्हें 25 वर्ष की अवधि में विकसित एवं संचालित किया जाएगा। ये पैनल राज्य सरकार, केंद्र सरकार व निजी भागीदारों की साझेदारी से स्थापित होंगे।
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