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2035 के लिए भारत ने कौन-से नए ‘क्लाइमेट कमिटमेंट’ किए?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-175 है। गुरुवार, 26 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए भारत ने 2035 के लिए कौन से नए ‘क्लाइमेट कमिटमेंट’ किए हैं?


मुख्य सुर्खियां

केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन इलाकों में पीएनजी उपलब्ध है, वहां यदि उपभोक्ता 3 महीने के भीतर पीएनजी नहीं लेते, तो उनकी एलपीजी गैस आपूर्ति बंद की जा सकती है। हालांकि जहाँ तकनीकी कारणों से पीएनजी संभव नहीं है, वहाँ एलपीजी आपूर्ति जारी रहेगी


कृषि क्षेत्र की पल-पल की निगरानी के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा एक ‘विशेष सेल’ का गठन किया भी गया है। यह सेल खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता की साप्ताहिक रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री को प्रस्तुत करेगा।


खराब मौसम और बढ़ते तापमान के कारण देश में लीची के उत्पादन में 70% तक गिरावट आने की आशंका है, जिससे इस साल इसके दाम काफी ऊंचे रह सकते हैं।


उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर होटल एसोसिएशन और पंडा समाज ने सरकार के टोकन सिस्टम और कैंपिंग पर लगाई गई सीमाओं का विरोध किया है। उन्होंने अपनी मांगें पूरी न होने पर कारोबार बंद रखने की चेतावनी दी है।


प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आ रहा है । इसके प्रभाव से भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई संभागों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।


रबी सीजन के दौरान खेतों में नरवाई जलाने के अब तक 999 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। सैटेलाइट डेटा के अनुसार, अकेले सीहोर जिले में पिछले 24 घंटों में 86 स्थानों पर आग लगाने की घटनाएं हुई हैं।

विस्तृत चर्चा

भारत के नए क्लाइमेट लक्ष्य

भारत द्वारा वर्ष 2035 के लिए नए जलवायु लक्ष्य (NDCs) घोषित किए गए हैं। यह 2015 के पेरिस समझौते के प्रावधानों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इन लक्ष्यों के माध्यम से भारत ने अपनी पिछली जलवायु कार्य योजनाओं को अपग्रेड किया है।

जीडीपी एमिशन इंटेंसिटी: भारत ने 2005 के आधार वर्ष की तुलना में अपनी जीडीपी की एमिशन इंटेंसिटी (प्रति यूनिट जीडीपी उत्सर्जन) में कम से कम 47% की कमी लाने का वादा किया है। गौरतलब है कि भारत पहले ही 36% की कमी का लक्ष्य हासिल कर चुका है।

गैर-जीवाश्म ऊर्जा: 2035 तक 60% बिजली गैर-जीवाश्म स्रोतों (Non-fossil sources) से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जो पहले 50% था। वर्तमान में, भारत अपनी 52% बिजली इन्हीं स्रोतों से प्राप्त कर रहा है।

कार्बन सिक्वेस्टेशन: कार्बन डाइऑक्साइड सोखने की क्षमता को बढ़ाकर 3.5 से 4 बिलियन टन अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले 2030 तक का लक्ष्य 2.5 से 3 बिलियन टन था।

भारत अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए कई अन्य गैर-मात्रात्मक कदम भी उठा रहा है जैसे –

जलवायु अनुकूलन बुनियादी ढांचे (Climate Resilient Infrastructure) को बढ़ावा देना।

टिकाऊ जीवन शैली (Sustainable Lifestyle) को प्रोत्साहित करना।

घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हरित निवेश (Green Investment) के लिए जलवायु वित्त (Climate Finance) जुटाना।

वैश्विक संदर्भ और एनडीसी का महत्व:

यह भारत का तीसरा राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) है। पहला एनडीसी 2015 में और दूसरा 2022 में घोषित किया गया था।

चीन जैसे अन्य बड़े उत्सर्जक देशों ने पिछले साल ही अपने लक्ष्यों की घोषणा कर दी थी, इसलिए भारत के इस एनडीसी का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।

यह घोषणा ब्राजील के बेलम में आयोजित वार्षिक जलवायु सम्मेलन के दौरान की गई है।

भारत न केवल अपने लक्ष्यों को बढ़ा रहा है, बल्कि कई क्षेत्रों में वह अपने पिछले लक्ष्यों को समय से पहले ही हासिल करने की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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