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दिल्ली के बजट में पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए क्या-क्या घोषणाएं?  

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-174 है। बुधवार, 25 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम और दिल्ली के बजट में पर्यावरण और हेल्थ के लिए क्या-क्या है?


मुख्य सुर्खियां

केंद्र सरकार 1968 के पुराने कानून को बदलकर नया कीटनाशक प्रबंधन विधेयक ला रही है। इसके तहत घातक कीटनाशक बनाने और बेचने वालों को 5 साल की जेल और 40 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।


दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 12,645 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। ‘अनमोल’ पहल के माध्यम से नवजात शिशुओं के लिए 56 मुफ़्त डायग्नोस्टिक टेस्ट की सुविधा दी जाएगी।


इस साल गर्मी की फसलों की बुवाई में 2.3% की कमी आई है, लेकिन दलहन के रकबे में 18% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेष रूप से मूंग और उड़द की बुवाई के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है।


देश में एलपीजी की सप्लाई धीरे धीरे सामान्य हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 13 मार्च को इसके सिलेंडर की बुकिंग 89 लाख थी जो 19 मार्च तक घटकर 55 लाख प्रतिदिन पर आ गई।


भोपाल की 829 निजी कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की जगह घर-घर पानी पहुंचाने के लिए नगर निगम ने केंद्र सरकार से 875 करोड़ रुपये मांगे हैं। यदि निजी एजेंसी को नियुक्त किया जाता है, तो पानी का बिल 17 रुपये से बढ़कर 25 रुपये प्रति हजार लीटर तक हो सकता है।


सीहोर, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की गई है। इसमें 20 से अधिक वाहन (ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली) जब्त किए गए और लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

विस्तृत चर्चा

मध्य प्रदेश में मौसम की स्थिति और कृषि पर प्रभाव

मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप दिखाई दे रहे हैं। राज्य में दो ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (Western Disturbances) सक्रिय होने के कारण कहीं बादल छाए हैं तो कहीं भीषण गर्मी पड़ रही है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में तापमान 38°C के ऊपर जाने की संभावना है।

मालवा क्षेत्र में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है रतलाम में 38°C तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अप्रैल और मई में गर्मी और बढ़ेगी और तापमान 45°C के पार जा सकता है।

बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

27 और 28 मार्च को राज्य के विभिन्न हिस्सों में थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभागों में मौसम में बदलाव की संभावना है क्योंकि 26 मार्च से एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है।

पिछले चार दिनों में राज्य के 45 जिलों में आंधी और बारिश हुई, जबकि 17 जिलों में ओले पड़े हैं। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से केले और पपीते की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

तेज हवाओं के कारण धार और खरगोन जैसे जिलों में खड़ी फसलें गिर गई हैं। प्रभावित किसान अब सरकार से मुआवजे और सर्वे की मांग कर रहे हैं।


दिल्ली का ‘ग्रीन बजट’ 2026-27 

मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राज्य का 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसे ‘ग्रीन बजट’ का नाम दिया गया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण सुधार, बुनियादी ढांचे का विकास और शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है।

बजट का 21% हिस्सा पर्यावरण सुधार के लिए आवंटित किया गया है। शहर में ट्रैफिक जाम और उत्सर्जन (emission) को कम करने के लिए कम से कम 9 फ्लाईओवर बनाने और टूटी हुई सड़कों व फुटपाथों की मरम्मत करने की घोषणा की गई है ताकि धूल से होने वाले प्रदूषण (dust pollution) को रोका जा सके।

ईवी पॉलिसी 2 लाई गई है, जिसके तहत वर्तमान में मौजूद 6,100 इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

कचरा प्रबंधन के लिए वेस्ट प्रोसेसिंग क्षमता को 7,000 से बढ़ाकर 15,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने की योजना है।

वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष रूप से 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे पानी छिड़कने की मशीनें और अन्य एक्शन प्लान लागू किए जाएंगे।

यमुना को साफ करने के लिए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट (Decentralized STP) पर जोर दिया गया है। इसके तहत एक बड़े प्लांट के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में छोटे-छोटे ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे।

बजट का एक-तिहाई हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च किया जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल बजट का 12% आवंटित है। इसमें ‘मोहल्ला क्लीनिक’ का नाम बदलकर ‘आरोग्य मंत्री’ के रूप में विस्तार किया जाएगा और द्वारका में एक नया मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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