यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-170 है। शुक्रवार, 20 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए एलपीजी की किल्लत के बीच वैज्ञानिकों ने इसका कौन-सा विकल्प खोजा है?
मुख्य सुर्खियां
सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा के खिलाफ लगाई गई एक और याचिका को ख़ारिज कर दिया है। इस याचिका में कहा गया था कि विदेशों से आयात किए गए पशु साइट्स के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव व्यापार मानकों का उल्लंघन करते हैं।
यूनियन पॉवर मिनिस्टर मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि AI, डेटा सेंटर और EVs के कारण अगले 5-6 वर्षों में भारत की बिजली मांग 30 GW बढ़ सकती है। सरकार 2035-36 तक 459 GW की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे और बाजार-आधारित नियमों पर ध्यान दे रही है।
दिल्ली जल बोर्ड गलत बिलों को रोकने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से 35 लाख उपभोक्ताओं की जियोटैगिंग और ई-केवाईसी करेगा। इस पहल में पारदर्शिता लाने और राजस्व के नुकसान को कम करने के लिए फोटो कैप्चर के साथ स्मार्ट मीटर रीडिंग शामिल है।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ी LPG की ‘पैनिक बुकिंग’ अब कम होकर सामान्य स्तर पर आ गई है। सरकार घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, हालांकि व्यावसायिक क्षेत्रों को कमी का सामना करना पड़ रहा है।
गुरूवार को भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं देखी गईं। अगले 48 घंटों में बारिश की संभावना है साथ ही शुक्रवार को भोपाल में बादल छाए रह सकते हैं और तापमान में 3 डिग्री तक गिरावट संभव है।
इंदौर में घर में आग लगने के बाद हुई 8 मौतों के मामले में अब तक ईवी चार्जिंग में हुए शार्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है। मगर घटना के सर्वाइवर सौरभ पुगालिया ने कहा कि घटना के वक़्त ईवी चार्जिंग पर नहीं लगी थी।
विस्तृत चर्चा
क्या डीएमई बन सकता है वैकल्पिक स्वच्छ ईंधन?
पुणे स्थित काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) – नेशनल केमिकल लैबोरेटरी (NCL) ने डाइमिथाइल ईथर (डीएमई) तकनीक विकसित की है। इसे लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के साथ मिलाकर एक वैकल्पिक स्वच्छ ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
ईंधन की विशेषता: डीएमई एक स्वच्छ जलने वाला ईंधन (Clean Burning Fuel) है। वैज्ञानिकों ने एक विशेष कैटेलिस्ट (Catalyst) विकसित किया है जो मेथेनॉल को तेजी से डीएमई में बदल देता है और इसे 10 बार के दबाव पर सिलेंडरों में भरा जा सकता है।
भारत के लिए आवश्यकता और महत्व
भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 65% हिस्सा आयात करता है। वर्तमान में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे देश में रसोई गैस का संकट पैदा हो गया है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि LPG में केवल 8% डीएमई भी मिलाया जाए, तो भारत अपने आयात बिल में भारी कटौती कर सकता है। इससे देश को हर साल लगभग ₹9,500 करोड़ की बचत हो सकती है।
उत्पादन प्रक्रिया और स्रोत
डीएमई को घरेलू स्तर पर मेथेनॉल, कोयला, बायोमास, कृषि अपशिष्ट या कैप्चर की गई कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) से बनाया जा सकता है,।
हालांकि वर्तमान में भारत मेथेनॉल के लिए ईरान जैसे देशों पर निर्भर है, लेकिन भविष्य में इसे स्थानीय स्तर पर कोयले या रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों से उत्पादित किया जा सकता है, जिससे यह एक फ्यूचर-रेडी (Future-ready) तकनीक बन जाती है।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियां
परीक्षण और उपयोग: इस तकनीक का परीक्षण पहले से ही एक सेमी-पायलट पैमाने (लगभग 250 किलोग्राम प्रतिदिन) पर किया जा चुका है। इसे मौजूदा गैस स्टोव और सिलेंडरों में बिना किसी बड़े बदलाव के इस्तेमाल किया जा सकता है।
पर्यावरण और विकल्प: पेट्रोल में इथेनॉल (E20) के मिश्रण की तरह ही, रसोई गैस में डीएमई का मिश्रण प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की रक्षा करने में मदद करेगा। मुख्य चुनौती वर्तमान में मेथेनॉल के आयात पर निर्भरता को कम करना और घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है।
ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।





