ग्राउंड रिपोर्ट के पॉडकास्ट पर्यावरण आज में बात करेंगे कैसे 2024 में भारत के खेती-बाड़ी से जुड़े मज़दूरों को गर्मी के तनाव (heat stress) के कारण औसतन 648 घंटे, यानी 54 पूरे कामकाजी दिनों का नुकसान हुआ? और आज की प्रमुख पर्यावर्णीय हेडलाईन्स।
आज की प्रमुख हेडलाइन्स
धूल भरी आंधी से रिन्यूएबल एनर्जी को 500–600 MW का नुकसान
राजस्थान में भीषण आंधी से 15–20 ट्रांसमिशन टावर ध्वस्त हो गए और मुख्य बिजली लाइनें बाधित हुईं, जिससे कई दिनों तक रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन में अनुमानित 500–600 MW की कमी आई। यह घटना ग्रिड की मज़बूती को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर जब भारत हर साल 60–70 GW नई क्षमता जोड़ने की योजना बना रहा है।
मई 2026 रहा अब तक का दूसरा सबसे गर्म मई; अल नीनो के संकेत
EU की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) के अनुसार, मई 2026 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे गर्म मई रहा। यूरोप के कई हिस्सों में असामान्य रूप से जल्दी और तीव्र लू चली, और ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर के तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए, जो एक शक्तिशाली अल नीनो घटनाक्रम की आहट दे रहे हैं।
चीन से यूरिया निर्यात प्रतिबंध हटने के बाद भारत में कीमतें घटने की उम्मीद
चीन द्वारा यूरिया निर्यात पर लगे आंशिक प्रतिबंध को हटाने के बाद भारत में यूरिया की कीमतों में कमी आने की संभावना है। नेशनल फर्टिलाइज़र लिमिटेड ने आयात के लिए टेंडर जारी कर दिया है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
4 ज़रूरी दवाओं की कीमतें बढ़ाने को केंद्र की मंज़ूरी
बुधवार को केंद्र सरकार ने 4 महत्वपूर्ण दवाओं की कीमतों में बृद्धि को मंजूरी दी, जिनमें दो कैंसर उपचार की दवाएं भी शामिल हैं। ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से इन दवाओं की भारी किल्लत हो गई है, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया।
मानसून 7 दिनों से रुका; अगले 3 दिनों में तेज़ी से आगे बढ़ने का अनुमान
मानसून 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद 6 जून तक पांच राज्यों में फैल गया, लेकिन पिछले 7 दिनों से चेन्नई, हरनाई और सिलीगुड़ी पर रुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में यह महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्सों को तेज़ी से पार कर लेगा।
आज की मुख्य चर्चा– अब्दुल वसीम अंसारी के साथ
गर्मी की मार: कृषि मज़दूरों की खोई आजीविका

2024 में भारत के एक आम कृषि मज़दूर ने सिर्फ गर्मी की वजह से 648 घंटे यानी करीब 54 कामकाजी दिनों का काम गंवा दिया। इतनी तेज़ धूप और लू थी कि खेत में काम करना शरीर के लिए खतरनाक हो जाता था।
UK की संस्था ECIU ने यह खुलासा किया। जो मज़दूर रोज़ काम करने पर रोज़ पैसे पाते हैं, उनके लिए यह सीधे-सीधे आमदनी की कमी, बीमारी का खतरा और परिवार की आर्थिक तंगी का मतलब है।
चिंता की बात यह है कि आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक शक्तिशाली सुपर अल नीनो आने की संभावना अब 80% हो गई है। विश्व मौसम संगठन के अनुसार, 2027 अब तक का सबसे गर्म साल बन सकता है। इससे भीषण गर्मी, सूखा, जंगल की आग और बाढ़ जैसी आपदाएं और बढ़ेंगी — जिनका सबसे ज़्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो खुले में काम करते हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट की बात
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