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चक्रवात के साथ मॉनसून की विदाई

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पर्यावरण आज | दिल्ली में 2.3 लाख परिवारों को मुफ्त रूफटॉप सोलर देने के लिए पोर्टल लॉन्च किया गया। कूनो के चीता गौरव की बीमारी से मौत हो गई। स्टडी में ऑस्ट्रेलियाई समुद्री पक्षियों में रिकॉर्ड प्लास्टिक मिला। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘अर्नब’ बनने की आशंका, आठ राज्यों में आंधी-बारिश संभव। उत्तर भारत से मानसून लौट रहा है, जबकि पूर्वी-दक्षिणी भारत में तेज़ बारिश का अलर्ट जारी है।

आज की प्रमुख हेडलाईन्स

दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती चरण में 2 लाख 30 हज़ार परिवारों को मुफ्त रूफटॉप सोलर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को ऐसे बिजली उपभोक्ताओं के रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत यह पोर्टल “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर आवेदन के लिए खोला गया है।


2022 में नामीबिया से भारत आए चीतों के पहले बैच में गौरव नाम का चीता भी शामिल था, जिसने कूनो के इलाके में कदम रखने, शिकार करने, अपना इलाका बनाने और भारत में जन्मी चीतों की नई पीढ़ी का पिता बनने की शुरुआत की थी। इस चीते की मौत हो गई है। शुरुआती जांच से किसी पुरानी बीमारी के होने का संकेत मिला है। चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि इलाज के बावजूद गौरव की हालत बिगड़ गई और सोमवार शाम करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई।

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16 साल तक चली एक स्टडी में पाया गया है कि ऑस्ट्रेलिया के समुद्री पक्षियों के पेट में रिकॉर्ड मात्रा में प्लास्टिक मिल रहा है, और हाल के सालों में उनके प्लास्टिक खाने की घटनाओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है।

स्टडी के अनुसार, लॉर्ड होवे आइलैंड पर सेबल शीयरवाटर्स की दुनिया की सबसे बड़ी ज्ञात आबादी रहती है, जिसमें अनुमानित 22,000 प्रजनन करने वाले जोड़े शामिल हैं।


बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती सिस्टम बन रहा है, जिसके मंगलवार तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। बांग्लादेश ने इसका नाम ‘अर्नब’ रखा है। इसके असर से पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में आंधी-बारिश होने की आशंका है।

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आज की चर्चा

देशभर से मॉनसून की वापसी

वाहिद भट, ग्राउंड रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के ओरछा में बारिश से बचने के लिए छाता लेकर बैठी महिला | फोटो: पल्लव जैन
मध्य प्रदेश के ओरछा में बारिश से बचने के लिए छाता लेकर बैठी महिला | फोटो: पल्लव जैन

पल्लव, भारत में मौसम ने अब एक नया रुख इख्तियार कर लिया है। उत्तर-पश्चिमी इलाकों से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में मौसम खुश्क रहने और दिन के तापमान में इज़ाफ़ा होने का इमकान है।

राजस्थान के जैसलमेर में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ज़्यादा रहा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ज़्यादा रहा।

लेकिन पूर्वी और दक्षिणी भारत में सूरत-ए-हाल अलग है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक निज़ाम मज़बूत हो रहा है, और अगले 24 घंटों में इसके डिप्रेशन में तब्दील होने का इमकान है।

यह निज़ाम ओडिशा और आंध्र प्रदेश के साहिली इलाकों की तरफ बढ़ सकता है, जिसके असर से कई इलाकों में तेज़ बारिश, आंधी और बिजली चमकने की सूरत-ए-हाल बन सकती है।

छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और अंडमान-निकोबार में तेज़ बारिश की पेशगोई की गई है। कुछ इलाकों में 115 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल ज़्यादा बारिश का इमकान नहीं है। तापमान 36 डिग्री के करीब रह सकता है। मानसून की वापसी के साथ दिन के वक्त गर्मी फिर महसूस हो सकती है।

समंदरी इलाकों में भी एहतियात ज़रूरी है — बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, और कुछ जगहों पर यह 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।

किसानों को मशवरा दिया गया है कि बारिश वाले इलाकों में खेतों से पानी की निकासी का इंतज़ाम रखें और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करें।

यानी एक तरफ उत्तर भारत में मानसून की वापसी के साथ खुश्की और गर्मी बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी का निज़ाम पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में तेज़ बारिश का सबब बन सकता है।


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