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आपका घरेलू सिलेंडर क्यों हुआ 60 रूपए महंगा?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-159 है। शनिवार, 07 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ आज के पॉडकास्ट में जानिए क्यों महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर, रुसी तेल पर अमेरिका की भारत को दी गई छूट और मध्य प्रदेश में गेहूं पर मिले ‘छोटे बोनस’ के बारे में।


मुख्य सुर्खियां

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कमी की ख़बरों को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने निराधार बताया है। इसी बीच अमेरिका ने भारत को 30 दिन तक रशियन ऑइल खरीदने की छूट दी है। 


अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट के एमिकस क्यूरी ने कहा कि कोर्ट की अरावली समिति की रिपोर्ट में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण सचिव की अगुवाई वाली इस समिति द्वारा 100 मीटर ऊंचाई की परिभाषा तय करते समय फॉरेस्ट सर्वे ऑफ़ इंडिया के विचारों को पूरी तरह दबा दिया गया।


कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) आने वाले गेहूं की कटाई के मौसम में पराली के कुल जले हुए हिस्से की पहचान करने के लिए सैटेलाइट-बेस्ड मॉडलिंग को ठीक करेगा। कमीशन के अनुसार अभी मॉडल असलियत से ज़्यादा जला हुआ हिस्सा दिखा रहा है।


मौसम विभाग ने कश्मीर में 7–10 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इससे जल्दी खिल चुके बादाम और सेब के फूलों को नुकसान होने की आशंका है, जिससे बागवानी और भविष्य की फसल पर असर पड़ सकता है। 


राजस्थान के रेतीले इलाकों से आ रही हवा के चलते मध्य प्रदेश में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। भोपाल में शुक्रवार को 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.8 डिग्री ज्यादा है।

विस्तृत चर्चा

वैश्विक संघर्ष और ईंधन की कीमतों पर प्रभाव

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर आम भारतीय की जेब पर पड़ा है। घरेलू एलपीजी (LPG) के दामों में बढ़ोतरी हुई है, जहाँ दिल्ली में 14 किलो वाले गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़कर ₹913 हो गई है।

सरकार के कड़े निर्देश: स्थिति को देखते हुए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act), 1955 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग किया है। निजी रिफाइनरीज को यह आदेश दिया गया है कि वे एलपीजी बनाने वाले मुख्य घटकों, जैसे प्रोपेन और ब्यूटेन, का उपयोग केवल रसोई गैस बनाने के लिए ही करें और इसे सरकारी तेल कंपनियों को ही सप्लाई करें।

आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में चुनौतियां

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का संकट: युद्ध के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है, जो पश्चिम एशिया में जहाजों की आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। भारत अपनी 80% प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के लिए आयात पर निर्भर है और मुख्य रूप से कतर और यूएई से एलएनजी (LNG) मंगवाता है। कतर की तेल सुविधाओं पर हमलों के कारण भारत का आयात प्रभावित हुआ है।

वैकल्पिक स्रोत और अमेरिकी राहत: भारत अब संघर्ष क्षेत्र से बाहर के क्षेत्रों से आपूर्ति तलाश रहा है। भारत का अमेरिका के साथ भी एलपीजी आयात का अनुबंध है, जो कुल जरूरत का 10% पूरा करता है। इसके अलावा, अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की राहत दी है। 5 मार्च से पहले लोड किए गए शिपमेंट 4 अप्रैल तक भारत लाए जा सकेंगे, बशर्ते उन्हें केवल भारतीय कंपनियां ही खरीदें।

अफवाहों का खंडन और भंडार की स्थिति

व्हाट्सएप (WhatsApp) पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास कम से कम 8 हफ्तों का पर्याप्त स्टॉक है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि कीमतों में वृद्धि की संभावना बनी रहेगी।


मप्र में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य

किसानों के लिए गेहूं की फसल की कटाई शुरू होने के साथ ही केंद्र सरकार ने इस साल गेहूं का एमएसपी ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने इस पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है, जिससे किसानों को कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल का रेट मिलेगा। हालांकि, यह बोनस पिछले 20 वर्षों में सबसे कम बताया जा रहा है; पिछले साल राज्य का बोनस ₹135 था।

जो किसान अपनी फसल एमएसपी पर बेचना चाहते हैं, उनके लिए पंजीयन (Registration) की अंतिम तारीख 10 मार्च घोषित की गई है। पंजीयन के बाद ही किसान उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल तुलवा सकेंगे।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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