यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-147 है। गुरुवार, 19 फरवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए मध्य प्रदेश के बजट की प्रमुख घोषणाओं और किसानों के लिए किए गए प्रावधानों के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
एम्स सहित कई अस्पतालों में ऐसे AI आधारित मोबाइल ऐप की टेस्टिंग की जा रही है जो खांसी की आवाज़ का विश्लेषण कर फेफड़ों की बीमारी का संकेत दे सकता है। यह तकनीक COPD और अस्थमा जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान में मददगार हो सकती है।
CRPF ने NGT को बताया कि उसने श्रीनगर से लगी इको-सेंसिटिव ज़बरवान माउन्टेन रेंज में नया बेस बनाने के विवादित प्रोजेक्ट को छोड़ दिया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए अपना बजट घोषित किया। प्रदेश का कुल बजट लगभग 4.38 लाख करोड़ का है।
वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी के लिए 10,428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वहीं, 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की।
सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।
सरकार ने 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। इस योजना से प्रदेश के करीब 98.37 लाख स्कूली बच्चों और आंगनवाड़ियों में पढ़ने वाले 3 से 6 वर्ष आयु के लगभग 48 लाख बच्चों को लाभ मिलेगा।
विस्तृत चर्चा
प्रदेश बजट में खेती का हिस्सा हुआ दोगुना
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 के लिए 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें खेती के लिए करीब 39,448 करोड़ रुपये रखे गए, जो कुल खर्च का 9 परसेंट है, जबकि पिछले साल यह 5.6 परसेंट था। इस तेज़ बढ़ोतरी से एक ही साल में राज्य के बजट में खेती का हिस्सा लगभग दोगुना हो गया है, जो हाल के सालों में इस सेक्टर को मिला सबसे ज़्यादा हिस्सा है। सरकार ने 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित किया और सिंचाई, फसल बीमा, डायरेक्ट कैश सपोर्ट और नेचुरल खेती को कवर करने वाली योजनाओं की घोषणा की।
पूरे बजट का महत्वपूर्ण हाईलाईट्स
इस बार के बजट में अगले साल होने वाले निकाय चुनावों का खास ध्यान रखा गया है। वार्डों में कामकाज के लिए 5 हज़ार करोड़ रुपए की द्वारका नगर स्कीम की घोषणा की गई है।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना की शुरुवात की गई है जिसमें आठवी तक के बच्चों को 250 एमएल तक का टेट्रा पैक मुफ्त दिया जाएगा। उसका उद्देश्य पोषण की स्थिति को सुधारना है।
8 नए आयुर्वेद कॉलेज खोले जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ मिलेगा, इससे उन्हें अपने घर का मालिकाना हक मिल सकेगा।
नगरीय निकायों को अब खुद के लिए रिवेन्यू मॉडल तैयार करना होगा, यानी कमाई के रास्ते खोले गए हैं। जैसे नगरीय मुनिसिपल बांड जारी करने के लिए प्रोत्साहित किजा जाएगा और सोशल इंपैक्ट बॉंड भी जल्द नैशनल स्टॉक एक्सचैंज पर लिस्ट होने वाला है।
लाड़ली बेहना योजना को जारी रखा जाएगा और सरकार 300 करोड़ का नया जेट भी खरीदेगी।
ज़ीरो ब्याज पर 25 हज़ार करोड़ रु कृषि ऋण
अगर हम कृषि क्षेत्र की बात करें तो 41 लाख किसानों को ज़ीरो ब्याज पर 25 हज़ार करोड़ रुपए कृषि ऋण देने की घोषणा की गई है।
किसानों को बिजली सबसिडी के लिए 20 हज़ार 485 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
कृषक उन्नति योजना के तहत 3,000 करोड़ रुपये एक लाख सोलर सिंचाई पंप के लिए रखे गए हैं।
मध्य प्रदेश की GDP में खेती का 39 परसेंट हिस्सा है, जो इसे राज्य की इकॉनमी की रीढ़ बनाता है। देवड़ा ने असेंबली को बताया कि दाल प्रोडक्शन में मध्य प्रदेश देश में पहले नंबर पर है और गेहूं और तिलहन दोनों प्रोडक्शन में दूसरे नंबर पर है। हालांकि, बजट से एक दिन पहले जारी राज्य के अपने इकोनॉमिक सर्वे में कुल दाल प्रोडक्शन में 21 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई।
तो सरकार ने अलग-अलग कृषि योजनाओं के लिए बजट तो आवंटित किया गया है, लेकिन जो किसानों की मुख्य चुनौतियां हैं जैसे मौसम की वजह से फसल का खराब होना और बीमे और फसल की कम रकम मिलना बरकरार हैं, तो इन सब चुनौतियों से कैसे निबटा जाएगा इसे भी देखना ज़रुरी है।
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