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क्या संसद में पीएम केयर फंड पर सवाल नहीं पूछे जा सकेंगे? 

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-137 है। सोमवार, 9 फरवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए पीएम केयर फंड पर पीएमओ ने कौनसा नया आदेश दिया और मध्य प्रदेश के मौसम का अपडेट।


मुख्य सुर्खियां

मेघालय के ईस्ट जेंतिया हिल्स में अवैध खदान में हुए धमाके से मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है. शनिवार को, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी मजिस्ट्रेट को पूरे थांगक्सो में इंस्पेक्शन करने और सभी गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने का ऑर्डर जारी किया।


केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर दोहराया कि भारत-अमेरिका डील में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसानों को घाटा हो। हालांकि कांग्रेस ने इस पर कहा कि क्या कृषि मंत्री यह लिखित गारंटी दे सकते हैं कि डील से सोयाबीन आयत होगा और कीमतें नहीं गिरेंगी।


दिल्ली में जल निकायों (तालाब, झील, जलाशय) के रिजुविनेशन की योजनाएं तय समय सीमा पर पूरी नहीं हो पाईं, जिससे कई जलाशय आज भी सूखे पड़े हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भूमि विवाद, एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी, धन आवंटन में देरी और रखरखाव की कमजोर व्यवस्था मुख्य कारण हैं।


कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने रविवार को कहा कि नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के बारह शहरों, चार NCR राज्यों और दिल्ली ने इस साल इस इलाके में प्रदूषण कम करने के लिए डिटेल्ड प्लान जमा किए हैं। दिल्ली ने 2026 तक औसत AQI में 15% की कटौती का लक्ष्य रखा है इसके लिए गाड़ियों और धूल कंट्रोल पर ख़ास ध्यान दिया जाएगा।


सालाना औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) और पार्टिकुलेट प्रदूषण को कम करने के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक स्ट्रेटेजी बताने वाले प्लान उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने भी जमा किए हैं।


मध्य प्रदेश में 40वां एशियन वाटर बर्ड्स सेंसेस जारी है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जबलपुर वन मंडल में पक्षियों की सबसे अधिक प्रजातियां दर्ज की गईं वहीं भोपाल का भोज वेटलैंड इसमें दूसरे नंबर पर रहा। 


अपने उद्गम से 100 किमी तक प्रदूषण की मार झेल रही नदी बेतवा के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा सकती है। इसके लिए बेतवा नदी का सर्वे शुरू कर दिया गया है। 


रविवार को नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (NDSA) की लिस्ट में ऑफिशियली शामिल होने के बाद, भोपाल की बड़ी झील और उससे जुड़े डैम की अब सेंट्रल लेवल पर मॉनिटरिंग की जाएगी। यानि अपर लेक और कलियासोत डैम दोनों को सेंट्रल सेफ्टी सिस्टम के तहत शामिल कर लिया गया है।

विस्तृत चर्चा

After Ind-China border dispute, Modi-Jinping will be face-to-face first time
Credit: President of the Russian Federation and is licensed under the Creative Commons Attribution 4.0 License

संसद और सार्वजनिक फंड: पीएमओ का नया निर्देश

संसदीय नियमों और फंड्स पर प्रतिबंध प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को सूचित किया है कि पीएम केयर्स फंड (PM CARES), प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF) से संबंधित सवाल संसद में पूछना वर्जित है। पीएमओ के अनुसार, ये फंड लोकसभा की प्रक्रिया के नियमों के दायरे में नहीं आते हैं, इसलिए सांसद शून्य काल (Zero Hour) या विशेष उल्लेख (Special Mention) के माध्यम से इन पर सवाल नहीं उठा सकते।

प्रतिबंध के पीछे का तर्क पीएमओ ने दो प्रमुख नियमों का हवाला दिया है:

यदि कोई मामला सीधे तौर पर भारत सरकार के नियंत्रण में नहीं आता, तो उस पर सवाल नहीं पूछा जा सकता।

चूंकि ये तीनों फंड जनता के स्वैच्छिक दान से बनते हैं और भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से पैसा नहीं लेते, इसलिए इन पर संसद का सीधा नियंत्रण नहीं माना जाता।

फंड्स का विवरण और कानूनी स्थिति

पीएम केयर्स फंड: यह 27 मई 2020 को कोविड-19 जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए बनाया गया था। सरकार के अनुसार, यह एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट है, न कि कोई सरकारी विभाग, और इसलिए यह RTI एक्ट के दायरे में भी नहीं आता। मार्च 2023 तक इसमें लगभग 6283 करोड़ रुपये का बैलेंस था।

PMNRF: 1948 में स्थापित इस फंड का उद्देश्य शुरुआत में पाकिस्तान से आए विस्थापितों की मदद करना था, लेकिन अब इसका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए किया जाता है।

NDF: यह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए उपयोग किया जाता है।

इस निर्णय ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का मानना है कि चूंकि ये फंड प्रधानमंत्री के नाम से जुड़े हैं, इसलिए संसद में इन पर चर्चा होनी चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि ये ‘सरकारी ट्रस्ट’ नहीं बल्कि ‘पब्लिक ट्रस्ट’ हैं।

Severe Cold Weather Grips Madhya Pradesh as Mercury Drops Below 10 Degrees
Photo credit: Ground Report

मध्य प्रदेश में ठंड का बढ़ता प्रभाव

मध्य प्रदेश में सर्दी ने फिर से जोर पकड़ लिया है और अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।

कटनी और शहडोल सबसे ठंडे रिकॉर्ड किए गए हैं, जहाँ तापमान 5 से 6 डिग्री तक गिर चुका है।

प्रमुख शहरों का हाल: भोपाल (10°C), इंदौर (10.6°C), ग्वालियर (11°C), उज्जैन (12°C) और जबलपुर (11-12°C) में भी ठंड का असर काफी तेज है।

मौसम का पूर्वानुमान

दिन और रात की स्थिति: दिन के समय तेज धूप रहने की उम्मीद है, लेकिन ठंडी हवाएं चलती रहेंगी। असली ठंड का असर रात और सुबह के वक्त अधिक महसूस होगा।

बारिश की संभावना: 10 फरवरी तक बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और मौसम सूखा रहेगा।

पश्चिमी विक्षोभ: 9 फरवरी से हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे मध्य प्रदेश के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी या हल्की गर्मी महसूस हो सकती है और कुछ हिस्सों में नमी या बारिश की संभावना बन सकती है।

सावधानी और सलाह भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़े पहनें। किसानों को भी अपनी कृषि गतिविधियों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही संचालित करने की सलाह दी गई है।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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