मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश कई जिलों में दर्ज हुई है। प्रदेश में शाजापुर, गुना, उज्जैन, ग्वालियर, खरगोन, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, राजगढ़ और बड़वानी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचा है और किसानों ने राहत व मुआवजे की मांग भी की है।
ओलावृष्टि से जनजीवन और फसलें प्रभावित
शाजापुर जिले में भी मंगलवार को अचानक मौसम बदला। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब दस मिनट तक ओले गिरे। कई जगहों पर ओलों की मोटी परत जम गई। इसके बाद बारिश भी हुई।
बुधवार को भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाएं चलती रहीं। 11 बजे के बाद हल्की धूप निकली, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली। इसके बावजूद दिनभर ठिठुरन बनी रही।
ओलावृष्टि के बाद कई जगह जमीन पर ओले बिछ गए। शाजापुर शहरी क्षेत्र में हाईवे पर बड़े आकार के ओले गिरे। सड़क पर सफेद परत जम गई। करीब दस मिनट तक तेज बारिश भी हुई। इस दौरान हाईवे पर आवाजाही रुक गई। तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे लगे बैनर और पोस्टर उखड़ गए।
जिले के मोहन बड़ोदिया, बोलाई और चौमा क्षेत्र में भी बारिश हुई। बरनावद, निपानिया, मांगलिया और सागड़िया सहित कई गांवों में बेर और नींबू के आकार के ओले गिरे। सड़कों पर जमी बर्फ जैसी परत के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। कई लोगों ने गाड़ियां रोक दीं और सुरक्षित जगहों की तलाश की।
ग्राउंड रिपोर्ट की टीम ने बुधवार को शाजापुर जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि ने महीनों की मेहनत को नुकसान पहुंचाया है।
ओलावृष्टि से गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पैथोली गांव के किसान तिलक सिंह पवार ने बताया कि उनकी आठ बीघा जमीन में लगी चने की फसल पूरी तरह खराब हो गई। उन्होंने कहा कि फसल पूरी तरह पक चुकी थी और दाना बन गया था। ओलों के कारण दाना झड़ गया। उनके अनुसार करीब 99 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है।
आने वाले दिनों में फिर बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के स्थानीय सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, शाजापुर में आने वाले दिनों में आसमान आंशिक रूप से बादलयुक्त रह सकता है। 2 फरवरी को हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने कहा है कि 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच मौसम में उतार-चढ़ाव रह सकता है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या ओलावृष्टि हो सकती है।
लगातार बदलते मौसम ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान अब नुकसान के आकलन और राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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