यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-126 है। बुधवार, 28 जनवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए भारत-यूरोप के व्यापारिक समझौते का क्लाइमेट कनेक्शन और मध्य प्रदेश में हुए मौसमी बदलावों के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
अमेरिका में भीषण विंटर स्ट्रोम के कारण 12 हज़ार से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। ठंड और कोहरे के चलते हुए सड़क हादसों में 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं उत्तर भारत के राजस्थान और दिल्ली में भारी बारिश और ओलावृष्टि देखी गई। राजस्थान में बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई तो हिमाचल में बर्फबारी से 750 सड़कें बंद कर दी गई हैं। कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट से सभी 58 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
केंद्र ने घोषणा की है कि जल जीवन मिशन के फंड राज्यों को तभी जारी किए जाएंगे, जब वे ग्रामीण इलाकों में कम से कम 15 दिनों तक लगातार पानी की सप्लाई दिखाएंगे। हर प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग MoU और यूनिक स्कीम ID होंगे। भविष्य में जारी होने वाले फंड परफॉर्मेंस से जुड़े होंगे, और राज्यों से बड़े प्रोजेक्ट प्लान को रिव्यू करने के लिए कहा गया है।
भारत में निपाह के मामलों की रिपोर्ट के बाद थाईलैंड, ताइवान और नेपाल के एयरपोर्ट पर कोविड-स्टाइल हेल्थ चेकअप फिर से शुरू किए गए हैं। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को साफ़ किया कि पिछले दिसंबर से पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ दो मामले सामने आए हैं। उनसे जुड़े सभी कॉन्टैक्ट्स का टेस्ट नेगेटिव आया है।
मध्य प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व के बफर ज़ोन में ह्युमन-एनिमल कंफ्लिक्ट रोकने के लिए 390 करोड़ रूपए मंज़ूर किए गए। इससे गांवों और जंगल के बीच चेन-लिंक-तार फेंसिंग की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 3 समूहों से 60 हज़ार करोड़ रूपए का अनुबंध किया है। इससे 2030 तक मध्य प्रदेश को 4 हज़ार मेगावाट बिजली मिलने की संभावना है।
राज्य में दलहन फसलों की सरकारी खरीद के लिए 20 फ़रवरी से 17 मार्च तक पंजीयन किए जाएंगे. इस बार सरकार दलहन खरीदी पर मंडी शुल्क और निराश्रित शुल्क नहीं वसूलेगी।
विस्तृत चर्चा

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता
भारत और यूरोपीय संघ के बीच 18 वर्षों की लंबी बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता हुआ है। इस समझौते को इसके बड़े आर्थिक प्रभाव के कारण “सभी सौदों की जननी” (Mother of all deals) कहा जा रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष मिलकर दुनिया की जीडीपी का लगभग 25% हिस्सा रखते हैं।
कृषि क्षेत्र और किसानों का संरक्षण: दोनों पक्षों ने अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है। यूरोपीय संघ ने बीफ, चीनी, चावल, चिकन, मीट और डेयरी उत्पादों जैसे संवेदनशील उत्पादों पर मौजूदा टैरिफ बनाए रखने पर सहमति जताई है। इसी तरह, भारत ने भी अपने किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए दूध, अनाज, पोल्ट्री, फल और सब्जियों जैसे क्षेत्रों को एफटीए से बाहर रखा है। इसके अलावा, आयातित उत्पादों को कड़े विज्ञान-आधारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सुधार: इस सौदे के तहत यूरोपीय संघ के 90% ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स में उपयोग होने वाले रसायनों पर टैरिफ खत्म करने का प्रस्ताव है। इससे भारत में अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बायोमेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और अत्याधुनिक स्वास्थ्य तकनीक तक पहुंच आसान और सस्ती हो जाएगी।
जलवायु कार्रवाई और हरित निवेश: जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों में भारत के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों के लिए 500 मिलियन यूरो की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। यह फंडिंग स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, उत्सर्जन कम करने वाली तकनीक और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इस्तेमाल की जाएगी। इसके अतिरिक्त, नवीकरणीय ऊर्जा मशीनरी और रसायनों पर शुल्क कम होने से क्लीन मैन्युफैक्चरिंग और हाइड्रोजन तकनीक के हस्तांतरण में तेजी आएगी।
इस डील पर चर्चा जोरों पर है, लेकिन इसके पूरी तरह से लागू होने की संभावना वर्ष 2027 से है। अभी अगले दो वर्षों (2026-2027) तक कई कानूनी ढांचे और समझौतों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

मध्य प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों में मौसम की स्थिति
मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत में साइक्लोन करिकुलम सिस्टम के कारण मौसम में अचानक भारी बदलाव देखा गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश और ओलावृष्टि: पिछले कुछ दिनों से राज्य के 20 से अधिक इलाकों, जैसे भोपाल, उज्जैन और सागर में भारी बारिश और ओलावृष्टि (hailstorms) दर्ज की गई है। कई क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
कृषि और शिक्षा पर प्रभाव: तेज हवाओं और ओलों के कारण खेतों में खड़ी गेहूँ और चने की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खराब मौसम और बढ़ती ठंड को देखते हुए, ग्वालियर प्रशासन ने आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।
कोहरा और विजिबिलिटी की समस्या: उत्तर मध्य प्रदेश के इलाकों, जैसे ग्वालियर, शिवपुरी और छतरपुर में भारी कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही है, जिससे सुबह के समय ऑफिस और स्कूल जाने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
अन्य राज्यों की स्थिति: मौसम का यह प्रभाव मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं है। उत्तराखंड के हरिद्वार में तीव्र ओलावृष्टि देखी गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में कल रात से बारिश हो रही है। जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में भारी हिमस्खलन (avalanche) की भी खबरें मिली हैं, हालांकि किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल में बूंदाबांदी और बारिश होने की संभावना जताई है। जबकि श्योपुर, मुरैना, भिंड और ग्वालियर में ओलावृष्टि की संभावना है।
ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ Spotify, Amazon Music, Jio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।
Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India
We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.
Connect With Us
Send your feedback at greport2018@gmail.com
Newsletter
Subscribe our weekly free newsletter on Substack to get tailored content directly to your inbox.
When you pay, you ensure that we are able to produce on-ground underreported environmental stories and keep them free-to-read for those who can’t pay. In exchange, you get exclusive benefits.
Your support amplifies voices too often overlooked, thank you for being part of the movement.






