ग्रामीण विकास पर काम करने वाली संस्था Transform Rural India ने अपने काम के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। संस्था का कहना है कि बीते एक दशक में उसने सात राज्यों के 51 जिलों में काम किया है और करीब एक करोड़ ग्रामीण लोगों तक उसकी पहलों का असर पहुँचा है।
इस पृष्ठभूमि में NABARD के ग्रामीण आर्थिक स्थिति और भावना सर्वेक्षण 2025 का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि 76.6 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों ने अपने खर्च में बढ़ोतरी दर्ज की है। सर्वे के अनुसार यह संकेत देता है कि ग्रामीण इलाकों में आय, वित्तीय सेवाओं तक पहुँच और उपभोग में धीरे-धीरे सुधार हुआ है।

Transform Rural India की स्थापना जनवरी 2016 में एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में की गई थी। संस्था का घोषित लक्ष्य देश के सबसे पिछड़े एक लाख गांवों को स्थानीय स्तर पर सशक्त इकाइयों में बदलना है। संगठन का काम मुख्य रूप से सामुदायिक नेतृत्व, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आदिवासी तथा वंचित क्षेत्रों पर केंद्रित रहा है।
TRI मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश में गहन रूप से कार्य कर रहा है, जबकि महाराष्ट्र, असम और बिहार में सीमित स्तर पर हस्तक्षेप करता है। संस्था 2,000 से अधिक पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण विकास, कृषि, पंचायती राज तथा महिला एवं बाल विकास जैसे विभागों के साथ काम करने का दावा करती है।
संस्था के अनुसार उसके कार्यक्रमों के तहत ग्रामीण उद्यमियों को स्थानीय आजीविका विकसित करने में मदद दी गई है, ताकि मजबूरी में होने वाले पलायन को कम किया जा सके। महिलाओं के लिए जेंडर रिसोर्स सेंटर्स के जरिए स्वास्थ्य, कल्याण और सरकारी सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर स्तर की संस्थाओं को मजबूत कर योजनाओं के बीच समन्वय पर भी काम किया गया है।
TRI से जुड़ी जमीनी पहलों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुत किया गया है। इनमें COP30 और संयुक्त राष्ट्र में Commission on the Status of Women के 70वें सत्र जैसे मंच शामिल हैं।
संस्था के लीड अनिर्बान घोष के अनुसार आने वाले वर्षों में TRI महिलाओं को बदलाव की मुख्य कड़ी मानते हुए जेंडर समावेशन पर ज़ोर देगा, ग्रामीण युवाओं के लिए बाज़ार से जुड़ी उद्यमिता को बढ़ावा देगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर अपने ‘Neighbourhood of Care’ मॉडल को मजबूत करेगा।
TRI शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, जेंडर समानता और जलवायु जैसे विषयों पर केंद्र और राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में काम करता है। संस्था लखपति दीदी योजना और झारखंड की बिरसा हरित ग्राम योजना जैसी पहलों से जुड़ी रही है।
इसके अलावा TRI हर साल इंडिया रूरल कोलोक्वी का आयोजन करता है, जिसमें ग्रामीण भारत से जुड़े शोध और आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं। Hindu College के सहयोग से संस्था ने पब्लिक पॉलिसी और मैनेजमेंट में एक प्रैक्टिस आधारित कार्यक्रम भी शुरू किया है।
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