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जल जीवन मिशन की बढ़ती लागत और मध्य प्रदेश कैबिनेट के नए फैसले

Jal Jeevan Mission data doesn't match with ground reality in Bundelkhand
Jal Jeevan Mission data doesn't match with ground reality in Bundelkhand

भोपाल – मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए बुधवार को जल जीवन मिशन के लिए 2,813 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ती लागत के कारण राज्य सरकार को यह अतिरिक्त राशि स्वीकृत करनी पड़ी है।

दरअसल, जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रुपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं को मंजूरी दी गई है l इसके साथ ही 60 हजार 786 करोड़ रुपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं को मंजूरी दी गई है। 

राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत चल रही 8,358 पानी की योजनाओं की लागत बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं पर पहले 6,213 करोड़ रुपये खर्च होने थे l लेकिन अब इनकी लागत बढ़कर 9,027 करोड़ रुपये हो गई है। यानी सरकार ने 2,813 करोड़ रुपये और देने की मंजूरी दी है।

इन योजनाओं का मकसद प्रदेश के करीब 7 लाख ग्रामीण परिवारों के घरों तक नल से पानी पहुंचाना है।

जल जीवन मिशन के तहत अब तक कुल 27,990 गांवों के लिए नल-जल योजनाएं बनाई गई हैं। इनमें से 15,947 गांवों में काम पूरा हो चुका है, और बाकी योजनाओं पर काम जारी है।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग स्वीकृत 

कैबिनेट की  बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी गई l इस मार्ग की लंबाई 48.10 कि.मी. है l जिसमें 4 लेन पेव्ड शोल्डर है l इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) योजना अंतर्गत किया जाएगा l जिसमें कुल राशि 2935.15 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। 

पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी l परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 2 फ्लाईओवर, 1 आरओबी, 7 मध्यम पुल एवं 2  जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।

उज्जैन में रेलवे ओवर ब्रिज स्वीकृत

आगामी सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरी फाटक रेलवे क्रॉसिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपए की मंजूरी सिंहस्थ के अंतर्गत होने वाले खर्चे के अंतर्गत प्रदान की गई है l

नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग स्वीकृत

नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग की कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर है l जिसमें दो लेन पेव्ड शोल्डर है l इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) योजना के अंतर्गत किया जायेगा l जिसमे निर्माण राशि 972 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और सुधार अवधि 17 वर्ष रहेगी।

सरकार ने नल-जल योजनाएं मंजूर की हैं। इसके साथ ही 60,786 करोड़ रुपये की लागत से 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं को भी मंजूरी मिली है l शहर में 4 लेन का नया ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर 371 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इंदौर से उज्जैन के बीच सड़क निर्माण मंजूरी दी गई है l

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