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ब्राज़ील के बेलम में COP 30 की शुरुवात, क्या है इस बार खास?

Produced By Himanshu Narware

यह पॉडकास्ट “ग्राउंड रिपोर्ट” का डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट है, जिसका संचालन शिशिर कर रहे हैं, और यह पर्यावरण से जुड़ी हुई बेहद महत्वपूर्ण खबरों पर केंद्रित है। यह सोमवार 10 नवंबर का पॉडकास्ट है।

नोट: इस पॉडकास्ट में COP30 पर चर्चा के दौरान हमने गलती से युनाईटेड स्टेट्स को युनाईटेड नेशंस और COP को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कॉंफ्रेंस बताया जबकि यह जलवायु परिवर्तन के दु्ष्प्रभावों से संरक्षण के लिए आयोजित होने वाली कॉंफ्रेंस है।


प्रमुख सुर्खियाँ / Headlines

फिलीपींस में तूफान: फिलीपींस लगातार तूफानों की चपेट में है। हाल ही में, तूफान फंग वोंग (Fung Wong) ने 12 लाख लोगों को विस्थापित कर दिया है, और इससे कम से कम दो लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले, तूफान कालमागी (Kalmaegi) में लगभग 220 लोगों की मौत हुई थी।


दिल्ली वायु प्रदूषण विरोध प्रदर्शन: रविवार को बढ़ते एयर पोल्यूशन के खिलाफ लोगों ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार के पास प्रदूषण से निपटने के लिए कोई योजना या नीति नहीं है, और वह प्रदूषण का डेटा भी छुपा रही है।


दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI): रविवार को दिल्ली का औसत AQI 391 दर्ज किया गया। कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में AQI स्तर: भवाना में 436, पटपड़गंज में 425 और आनंद विहार में 412 रहा। दिल्ली के अस्पतालों में सांस से संबंधित बीमारियों के मरीजों में लगभग 15% तक की वृद्धि हुई है।


पंजाब में पराली जलाना: रविवार को पराली जलाने के 440 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही, प्रदेश में अब तक कुल 6266 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।


जल जीवन मिशन में कार्रवाई: केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना में वित्तीय गड़बड़ी और खराब काम की शिकायतों के बाद 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़ी कार्रवाई की गई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 10,570 लोगों के खिलाफ एक्शन लिए गए हैं, जिनमें 596 सरकारी अधिकारी, 822 ठेकेदार, और 152 थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसियां (TPIA) शामिल हैं। ग्राउंड रिपोर्ट ने भी हाल ही में इस मिशन पर एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट प्रकाशित की थी।


मध्य प्रदेश में शीत लहर (Cold Wave): भोपाल, इंदौर समेत आठ जिलों में कोल्ड वेव और सीवियर कोल्ड वेव चल रही है। रविवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8 डिग्री कम है। इंदौर और राजगढ़ जिलों का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। शाहजापुर जिले का गिरवर लगभग 6 डिग्री सेल्सियस के साथ देश के मैदानी इलाकों में सबसे ठंडे शहर में शुमार रहा


मध्य प्रदेश पंप हाइड्रो स्टोरेज नीति: मध्य प्रदेश को पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज नीति के तहत लगभग 18,750 मेगावाट क्षमता के प्रस्ताव मिल चुके हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य रात में भी बिजली पैदा करना है। यह नीति भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लॉन्च की गई थी।


बाघों की गणना: बाघ की गणना का दूसरा चरण 15 नवंबर से शुरू होने वाला है। यह गणना हर चार साल में होती है (पिछली बार 2022 में हुई थी)। मध्य प्रदेश के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभंजन सेन ने बताया कि 2014 से 2022 तक मध्य प्रदेश में 477 बाघ बढ़े हैं, और अभी प्रदेश में बाघों की संख्या 785 है


भोपाल में पशु चिकित्सा अधिकारी संघ का विरोध: भोपाल में सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी संघ ने एक दिन में 10 कृत्रिम गर्भदान का लक्ष्य दिए जाने को अव्यवहारिक बताते हुए प्रदर्शन और चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।


चर्चा/ Discussion

पॉडकास्ट में पर्यावरण से जुड़ी दो मुख्य बातों पर विस्तार से चर्चा की गई:

1. संयुक्त राष्ट्र कॉप 30 (UN COP 30)

शुरुआत और उद्देश्य: यूनाइटेड नेशन कॉप 30 (कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज का 30वां संस्करण) बेलम, ब्राजील में शुरू हो रहा है। यह दो हफ्ते तक चलेगा, जहाँ अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि क्लाइमेट चेंज के असर को कम करने या नियंत्रित करने के लिए बातचीत करेंगे। पिछले 30 सालों से, दुनिया के देश मिलकर क्लाइमेट चेंज के खिलाफ एक कोऑर्डिनेटेड ग्लोबल रिस्पांस पर काम कर रहे हैं।

चर्चा के विषय: इसमें ग्रीन हाउस गैस एमिशन कम करने, ग्रीन एनर्जी में वृद्धि, क्लाइमेट फाइनेंस, और क्लाइमेट एडाप्टेशन (Climate Adaptation) जैसी चीजों पर बातचीत होती है।

असर की कमी और “फेस द ट्रुथ”: पिछले 30 सालों में हजारों एक्शन और इनिशिएटिव शुरू हुए हैं, लेकिन उनका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है; ग्रीन हाउस गैस एमिशन और ग्लोबल टेंपरेचर अभी भी बढ़ रहे हैं। 2015 के पेरिस एग्रीमेंट के बाद 600 से अधिक पहल की घोषणा हुई, जिनमें से केवल 300 ही अभी बचे हैं।

इस बार की थीम: ब्राजील में हो रहे इस कॉप 30 की मुख्य थीम है “फेस द ट्रुथ” (सच का सामना करना)। इस बार ध्यान नए इनिशिएटिव की घोषणा पर नहीं, बल्कि पुराने वादों को ठोस बनाना, रियल वर्ल्ड एक्शन में बदलना, और बातचीत (Negotiation) से डिलीवरी (Delivery) पर जाने पर केंद्रित है। इसे “मोमेंट ऑफ ट्रुथ” कहा जा रहा है।

भारत के लिए महत्व: भारत के लिहाज से कॉप 30 महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि भारत को अभी 2035 के लिए अपना एनडीसी (नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन) और एनएपी (नेशनल एडाप्टेशन प्लान) जारी करना है। माना जा रहा है कि भारत इस मंच का उपयोग अपने एक्शन प्लान को जारी करने के लिए कर सकता है।

चिंताएं: विकासशील देश क्लाइमेट फाइनेंस को लेकर नाखुश हैं। विकसित देशों की जिम्मेदारी है कि वे क्लाइमेट फाइनेंस, टेक्नोलॉजी आदि के लिए डेवलपिंग नेशंस की मदद करें, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चिंता यह भी है कि इस बार यूनाइटेड नेशन पेरिस एग्रीमेंट से बाहर चला गया है, इसलिए यूएस शायद कॉप 30 में शामिल नहीं होगा।

2. गांधी सागर अभयारण्य में तितलियों का सर्वे

सर्वेक्षण: मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में पहली बार तितलियों का सर्वे हुआ।

निष्कर्ष: सर्वे में 45 से अधिक तितलियों की प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें कुछ बेहद अनोखी और वैश्विक स्तर पर अनूठी प्रजातियां भी शामिल हैं।

पाई गई मुख्य प्रजातियां:

ग्रास ज्वैल (Grass Jewel): यह दुनिया की सबसे छोटी तितलियों में से एक है, जिसका आकार मात्र 15 से 22 मिलीमीटर होता है।

अनोलस नवाब (Anoles Nawab): यह भारत और दक्षिण एशिया में पाई जाती है, जिसके गहरे भूरे पंखों पर हरे रंग के पैच इसे शाही रूप देते हैं।

अफ्रीकन बबूल ब्लू (African Babul Blue): यह अफ्रीका और भारत के शुष्क इलाकों में बबूल पेड़ों के पास पाई जाती है।

तितलियों का महत्व: तितलियां फूलों से रस पीते हुए परागण (Pollination) करती हैं, जिससे पौधों में फल और बीज बनते हैं। जहाँ तितलियां ज्यादा होती हैं, वहाँ का पर्यावरण स्वस्थ होता है; ये बायोडायवर्सिटी की सेहत का इंडिकेटर होती हैं।

भविष्य की योजना: यह पहला सर्वे था, और दूसरा सर्वे मार्च से अप्रैल में होगा। यह सर्वे दर्शाता है कि अभयारण्य न सिर्फ पक्षियों और जीवों, बल्कि तितलियों के लिए भी अनुकूल है।

हाइपर लोकल वार्ता: अंत में, शिशिर ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले (जो सबसे ठंडा रहा) में ठंड की स्थिति के बारे में सहयोगी अब्दुल वसीम अंसारी से पूछा। अब्दुल ने बताया कि शासन-प्रशासन की ओर से कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है, और लोग स्वयं से बचाव कर रहे हैं। उन्होंने रेन बसेरा और अस्पताल के बाहर के हालात पर जल्द ही एक रिपोर्ट करने की योजना बताई।


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