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वाहनों पर लगाए टैक्स से क्यों बढ़ी पंजाब-हिमाचल के बीच तकरार

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-173 है। मंगलवार, 24 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए हिमाचल प्रदेश द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए गए टैक्स से पंजाब क्यों है नाराज़?


मुख्य सुर्खियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में बोलते हुए बताया कि भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम रिजर्व है। इसे 65 लाख मीट्रिक टन तक करने का काम हो रहा है। 


एलपीजी आपूर्ति के लिए जारी नई गाइडलाइन के तहत अब होटलों को 25% और उद्योगों को 5% आपूर्ति मिलेगी। सरकार ने यह भी कहा है कि देश के रणनीतिक तेल भंडार वर्तमान में अपनी कुल क्षमता के लगभग दो-तिहाई भरे हुए हैं।


दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और जीवन रक्षक उपकरणों की भारी कमी पाई गई है। इसके अलावा, निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित सुविधाओं का केवल 28.7% उपयोग ही हो पाया है।


हैदराबाद पुलिस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट (जैसे नकली मसाले और डेयरी उत्पाद) को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (H-FAST) का गठन किया है।


मध्य प्रदेश सरकार ने कुपोषित बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार की राशि ₹8 से बढ़ाकर ₹12 कर दी है। प्रदेश में करीब 66 लाख बच्चों में से 10 लाख बच्चे कुपोषित हैं।


मध्य प्रदेश में टीबी से हर दिन औसतन 13 मौतें हो रही हैं दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि भोपाल में सबसे ज्यादा मौत हो रही हैं। सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इसी बीच, आईआईटी बॉम्बे के शोधकर्ता यह अध्ययन कर रहे हैं कि टीबी के बैक्टीरिया शरीर में कैसे छिपते और जीवित रहते हैं।

आगे बढ़ने से पहले टीबी पर हमारी ये ख़बरें ज़रूर पढ़ें।

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विस्तृत चर्चा

वाहन टैक्स पर पंजाब-हिमाचल में विवाद

हिमाचल प्रदेश और पंजाब सरकारों के बीच वर्तमान में प्रवेश शुल्क (entry fees) को लेकर एक बड़ा विवाद चल रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2026 से राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रवेश शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। यह निर्णय ‘हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट 1975’ के तहत ली गई नई टोल नीति का हिस्सा है।

नई शुल्क दरें: नई नीति के तहत निजी कारों और हल्के वाहनों की फीस ₹70 से बढ़ाकर ₹170 कर दी गई है। इसके अलावा, भारी वाहनों के लिए भी शुल्क में काफी वृद्धि की गई है, जैसे ट्रिपल एक्सेल ट्रकों के लिए ₹600 और सात या अधिक एक्सेल वाले वाहनों के लिए ₹900 तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, हिमाचल में पंजीकृत वाहनों को इस शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

हिमाचल सरकार का तर्क: सरकार का कहना है कि राज्य में बढ़ते पर्यटकों के कारण बुनियादी ढांचे और सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है। साथ ही, केंद्र से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान में कमी के कारण राज्य को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जिसकी भरपाई के लिए नए संसाधन जुटाना आवश्यक है।

पंजाब की प्रतिक्रिया: पंजाब सरकार ने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का तर्क है कि यह फैसला ‘एक राष्ट्र, एक कर’ के सिद्धांत के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पंजाब सरकार भी जवाब में हिमाचल के वाहनों पर एंट्री फीस लगाने पर विचार कर रही है।

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बातचीत की है और इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पड़ोसी राज्यों के बीच इस तरह के मतभेद कोई नई बात नहीं है, लेकिन दोनों राज्यों का साझा इतिहास होने के कारण ऐसे विवाद किसी के भी हित में नहीं हैं।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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