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पश्चिम एशिया के संघर्ष से मध्य प्रदेश के राईस मिलर्स क्यों परेशान हैं?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-172 है। सोमवार, 23 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण मध्य प्रदेश के चावल निर्यात पर असर और जंगली भैंसों को काजीरंगा से मध्य प्रदेश लाने में हो रही दिक्कतों के बारे में।


मुख्य सुर्खियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि युद्ध की आड़ में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए।


अमेरिका से एलपीजी (LPG) और रूस से कच्चा तेल लेकर दो बड़े टैंकर न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचे हैं। हालांकि सरकार ने मंत्रालयों से PNG अपनाने और मांग का आकलन करने को कहा है।  


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में कॉर्पोरेट कानूनों में बदलाव के लिए एक बिल पेश करेंगी। इससे किसानों द्वारा बनाई गई छोटी फर्मों, स्टार्टअप्स और प्रोड्यूस कंपनियों के लिए नियमों का पालन करने का बोझ कम होगा।


छत्तीसगढ़ के संजय पार्क में आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 हिरणों को मार डाला। लापरवाही बरतने के आरोप में चार वनकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।


मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में मधुमक्खियों के झुंड ने भेड़ों पर हमला कर दिया, जिससे 24 भेड़ों की मौत हो गई और दो चरवाहे घायल हो गए।


काजीरंगा से कान्हा टाइगर रिजर्व में 15 जंगली भैंसों को लाने का कार्यक्रम खराब मौसम और बारिश के कारण टल गया है। यह स्थानांतरण 45 साल बाद होने जा रहा था।

विस्तृत चर्चा

युद्ध का मध्य प्रदेश के चावल निर्यात पर प्रभाव

पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संकट के कारण भारत, और विशेष रूप से मध्य प्रदेश के व्यापारिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

निर्यात और माल ढुलाई में चुनौतियां: ईरान युद्ध और संघर्ष की स्थिति के कारण मध्य प्रदेश से होने वाले बासमती और नॉन-बासमती बॉईलिंग राइस (Basmati and Non-Basmati Boiling Rice) का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही, माल ढुलाई (Freight) की दरों में 30% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

आर्थिक नुकसान और व्यापार ठप: रायसेन और भोपाल जिलों से निर्यात होने वाला चावल वर्तमान में फैक्ट्रियों और गोदामों में ही फंसा हुआ है। मंडीदीप, सतलापुर, ओबेदुल्लागंज, रायसेन और उमरावगंज जैसे क्षेत्रों में स्थित 12 से अधिक धान फैक्ट्रियों में काम लगभग ठप हो गया है। इस संकट के चलते चावल की कीमतों में ₹300 से ₹500 प्रति क्विंटल की गिरावट आई है।

बाजार की मांग और जीआई (GI) टैग का मुद्दा: ईद के अवसर पर मिडिल ईस्ट के देशों (ईरान, इराक, सऊदी अरब, दुबई) में चावल की काफी अधिक मांग थी, जिससे भारी मुनाफे की संभावना थी, लेकिन शिपमेंट रुकने से व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई (GI) टैग प्राप्त नहीं है, जिसके कारण यहां के किसानों को गंगा के मैदानी इलाकों (यूपी, हरियाणा, पंजाब) के मुकाबले पहले ही कम दाम मिलते थे, और अब युद्ध ने इस स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।


मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों की वापसी

मध्य प्रदेश के सुखार क्षेत्र में 1979 तक जंगली भैंस पाए जाते थे, जो बाद में विलुप्त हो गए। अब 45 वर्षों के अंतराल के बाद, इन्हें फिर से राज्य में बसाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों को लाया जाना है।

योजना के अनुसार, 25 मार्च को भैंसों का स्थानांतरण किया जाना था, लेकिन असम में खराब मौसम और भारी बारिश के कारण इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वन विभाग की टीम वहां मौजूद है, परंतु कीचड़ और बारिश की वजह से 15 भैंसों के लक्ष्य के बदले अब तक केवल दो जोड़े ही पकड़े जा सके हैं।

यह पुनरुद्धार कार्यक्रम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा के बीच हुई बैठक का परिणाम है। समझौते के तहत, तीन चरणों में कुल 50 जंगली भैंसों को कान्हा लाया जाएगा, जिसके बदले में मध्य प्रदेश सरकार असम को बाघों (Tigers) का एक जोड़ा प्रदान करेगी।

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Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

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