Skip to content

जानिए अमेरिका में रिलाइंस के बड़े ‘ऑइल इन्वेस्टमेंट’ के बारे में

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-163 है। गुरुवार, 12 मार्च को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ आज पॉडकास्ट में जानिए अंबानी के बड़े अमेरिकी इंवेस्टमेंट और एलपीजी पर संसद से सड़क तक कैसे हैं हालात? 


मुख्य सुर्खियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25% तक की वृद्धि हुई है। सरकार ने कहा है कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग की ज़रूरत नहीं है।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज टेक्सास के ब्राउन्सविले में एक नई रिफाइनरी में 300 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश करेगी।


भारत के मुख्य दवा नियामक ने स्पष्ट किया है कि वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही की जानी चाहिए। सरकार ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि इन दवाओं का भ्रामक प्रचार या ‘अवेयरनेस कैंपेन’ के नाम पर विज्ञापन करना गलत मार्केटिंग माना जाएगा।


भारत में पहली बार, सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल से ‘वेजिटेटिव स्टेट’ में पड़े 32 वर्षीय हरीश राणा के लाइफ सपोर्ट को हटाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से गरिमा के साथ मरने के अधिकार के तहत ‘एंड-ऑफ-लाइफ केयर’ के लिए एक व्यापक कानून बनाने का भी आग्रह किया है।


दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 17 साल में पहली बार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने खंडवा जिले के हनुवंतिया में बहने वाली नर्मदा को प्रदूषित बताया है। इसके साथ ही प्रदेश की कुल 7 नदियों में प्रदूषित हिस्से की पहचान की गई है। 


राज्य सरकार इसी साल 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करेगी। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो मंत्रिमंडल को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 

विस्तृत चर्चा

अंबानी की अमेरिकी रिफाइनरी डील 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सस के ब्राउनविले में एक नई रिफाइनरी की घोषणा की है, जो पिछले पांच दशकों में अमेरिका की पहली नई रिफाइनरी होगी। यह 300 बिलियन डॉलर की एक विशाल डील है, जिसे भारत की रिलायंस (Reliance) कंपनी को दिया गया है। रिलायंस इस साल अप्रैल-जून तिमाही में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की योजना बना रही है।

ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डील बताया है और इस निवेश के लिए मुकेश अंबानी और रिलायंस को धन्यवाद दिया है।

अमेरिका को नई रिफाइनरी की आवश्यकता क्यों?

विदेशी निर्भरता कम करना: ईरान युद्ध ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पिछले 50 वर्षों से नई रिफाइनरी न बनाने के कारण अमेरिका अपने शेल (shale) उत्पादों के लिए विदेशी रिफाइनिंग क्षमता पर निर्भर हो गया है।

शेल ऑयल का प्रसंस्करण: यह नई रिफाइनरी विशेष रूप से अमेरिकन लाइट शेल ऑयल को प्रोसेस करने के लिए बनाई गई है, जो आयातित कच्चे तेल की तुलना में अधिक स्वच्छ, कुशल और कम खर्चीला होगा।

सुरक्षा और अर्थव्यवस्था: ट्रंप के अनुसार, यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

रिलायंस और ट्रंप के लिए इस डील के मायने

जामनगर के बाद अमेरिका में रिफाइनरी लगाना रिलायंस के लिए एक बड़ा विस्तार है। यह कंपनी को पश्चिम एशियाई मार्गों की समस्याओं से बचाने और अपने पोर्टफोलियो को विविधता देने में मदद करेगा।

डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह डील टैक्सस में उनके वोटर बेस को मजबूत करने और रोजगार पैदा करने के वादे को पूरा करने का एक जरिया है। यह उनके जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) की ओर वापस बढ़ने के एजेंडे में भी सहायक होगी।


भारत में ईंधन संकट और सरकारी प्रतिक्रिया

जहां रिलायंस अमेरिका में विस्तार कर रही है, वहीं भारत ईरान युद्ध से पैदा हुए ईंधन संकट से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कोच्चि रिफाइनरी के पास पॉलीप्रोप्लीन यूनिट का भूमि पूजन किया और जोर दिया कि ईरान युद्ध ने भारत को ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत सिखा दी है।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर उकसाने वाले बयान देने का आरोप लगाया है। वहीं, विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद अब सरकार को ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया संघर्ष के मुद्दे पर घेरने की योजना बना रहा है।

घरेलू गैस की स्थिति और जमीनी हकीकत

सरकार का दावा है कि देश में एलपीजी (LPG) का उत्पादन बढ़ा दिया गया है और आपूर्ति पर्याप्त है।

सरकारी दावों के विपरीत, देश के कई हिस्सों में गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। जमीनी पड़ताल (Ground Report) के अनुसार, लोग पैनिक मोड में हैं।

घरेलू गैस से ज्यादा गंभीर समस्या कमर्शियल सिलेंडर की रिफिलिंग पर लगी रोक के कारण पैदा हुई है, जिससे वितरण प्रभावित हो रहा है।

ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ SpotifyAmazon MusicJio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।

Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

Connect With Us

Send your feedback at greport2018@gmail.com

Newsletter

Subscribe our weekly free newsletter on Substack to get tailored content directly to your inbox.

When you pay, you ensure that we are able to produce on-ground underreported environmental stories and keep them free-to-read for those who can’t pay. In exchange, you get exclusive benefits.

Your support amplifies voices too often overlooked, thank you for being part of the movement.

EXPLORE MORE

LATEST

mORE GROUND REPORTS

Environment stories from the margins