Skip to content

अमेरिका की नाकाबंदी से ‘ग्लोबल ऑइल मार्केट’ पर क्या असर होगा?

यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-190 है। सोमवार, 13 अप्रैल को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए अमेरिका की स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज की नाकाबंदी से ग्लोबल ऑइल मार्केट पर क्या असर पड़ेगा?


मुख्य सुर्खियां

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव में सीहोर, रायसेन, विदिशा और देवास का समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। इसका उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाना, जल के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ाना है।


दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले एक अध्ययन में पाया गया कि हरिद्वार के पास बने अंडरपास का उपयोग 18 वन्यजीव प्रजातियां कर रही हैं। इनमें हाथी, नीलगाय, सांभर, चीतल और गोल्डन जैकाल जैसे जानवर शामिल हैं।


धान खरीद प्रोत्साहन को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा लगाए गए आरोपों को फ़ूड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया ने खारिज किया है। एफसीआई का कहना है कि धान खरीद और प्रोत्साहन से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और केंद्र सरकार की नीति के अनुसार चल रही है। 


दिल्ली में स्कूलों के बाहर कचरा फेंके जाने की शिकायतों पर एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और एमसीडी (MCD) को नोटिस जारी किया है। मामले में कहा गया कि कई स्कूलों के आसपास कचरे के ढेर लगे होने से छात्रों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर खतरा पैदा हो रहा है। 


मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 7 हज़ार से अधिक किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। दो दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख रुपए का भुगतान भी उनके बैंक खाते में किया जा चुका है।


रविवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि 5 ज़िलों में यह 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।

विस्तृत चर्चा

तेल पर ‘अमेरिकी नाकाबंदी’ और वैश्विक असर

हाल ही में वैश्विक तेल की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है। इसका मुख्य कारण अमेरिकी नौसेना (US Navy) द्वारा ईरान के बंदरगाहों के आसपास नाकेबंदी (blockade) करने का निर्णय है। इस तनाव के कारण अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत लगभग 8% बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि ब्रेंट वेरिएंट (Brent variant) 7% की बढ़त के साथ 102 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को वैश्विक तेल आपूर्ति का ‘मेन गेट’ माना जाता है क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और ईरान जैसे बड़े तेल निर्यातक देश इसी मार्ग पर निर्भर हैं।

अब इसकी अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान से होने वाला तेल निर्यात प्रभावित हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इससे प्रति दिन 20 लाख (2 million) बैरल तेल का प्रवाह बाधित हो सकता है।

शिपिंग में देरी: शिपिंग गतिविधियों में कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, 5 फरवरी के बाद से इस मार्ग से केवल 40 के आसपास ही वाणिज्यिक जहाज गुजरे हैं। जहाजों की संख्या कम होने से तेल की डिलीवरी में देरी होगी और परिवहन लागत (transport cost) बढ़ जाएगी।

उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था पर असर: तेल की बढ़ती कीमतों और परिवहन लागत का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है:

ईंधन और महंगाई: ईंधन की कीमतें बढ़ने के साथ-साथ परिवहन महंगा होने से खाद्य और डेयरी उत्पादों जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।

भारत पर प्रभाव: भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में तेल का आयात करते हैं, इस स्थिति से काफी प्रभावित होते हैं क्योंकि उन पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है।

तेल की कीमतें अब केवल मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि भू-राजनीतिक स्थितियों और निवेशकों के डर से भी संचालित हो रही हैं। निवेशकों को जब तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा महसूस होता है, तो वे कीमतों को और ऊपर धकेल देते हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता पैदा होती है। यदि यह तनाव कम नहीं हुआ, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बोझ बन सकता है।

ग्राउंड रिपोर्ट का डेली इंवायरमेंट न्यूज़ पॉडकास्ट ‘पर्यावरण आज’ SpotifyAmazon MusicJio Saavn, Apple Podcast, पर फॉलो कीजिए।

Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

Connect With Us

Send your feedback at greport2018@gmail.com

Newsletter

Subscribe our weekly free newsletter on Substack to get tailored content directly to your inbox.

When you pay, you ensure that we are able to produce on-ground underreported environmental stories and keep them free-to-read for those who can’t pay. In exchange, you get exclusive benefits.

Your support amplifies voices too often overlooked, thank you for being part of the movement.

EXPLORE MORE

LATEST

mORE GROUND REPORTS

Environment stories from the margins