यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-140 है। गुरुवार 12 फरवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए अरुणांचल के हाइड्रो डैम को मिली मंजूरी के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
ओडिशा तट पर हुए नए सर्वे में छह प्रजातियों के कुल 765 डॉल्फिन दर्ज हुए, जो पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा संख्या है। संरक्षण प्रयास, आवास सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह माना गया है।
अरुणाचल प्रदेश में एक बड़े हाइड्रोपावर डैम प्रोजेक्ट को करीब तीन दशक बाद पर्यावरणीय मंजूरी मिली, जिसके लिए लाखों पेड़ काटे जाने की आशंका है। परियोजना को लेकर ऊर्जा जरूरतों और जैव विविधता पर पड़ने वाले भारी असर के बीच बहस तेज हो गई है।
टाइगर रिजर्व की जमीन को “इकोलॉजिकली अनसस्टेनेबल यूज” के लिए डायवर्ट करने का अप्रूवल पोर्टल पर दिखने से पर्यावरणविदों ने चिंता जताई। सरकार का सिंगल-विंडो सिस्टम निवेश आसान करने के लिए है, लेकिन इससे संरक्षण कानूनों पर सवाल उठ रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने गड्ढे में गिरकर हुई मौत की जिम्मेदारी लेते हुए विभागीय जांच शुरू की है। सीएम रेखा गुप्ता ने मौसमी समस्याओं और वेलफेयर योजनाओं की समीक्षा की बात कही।
लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार पर राष्ट्रीय हित से समझौता करने का आरोप लगाया। सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई और बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया।
एमपी में 1200 करोड़ रुपये की पोषण आहार योजना स्व-सहायता समूहों से लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को देने की तैयारी है। सरकार ने सप्लाई और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को वजह बताया।
अमेरिका के साथ ट्रेड में दालों पर जीरो टैरिफ की खबरों के बीच शर्तों में ढील की चर्चा है। डिजिटल सर्विस टैक्स और अन्य उत्पादों को लेकर भी बातचीत जारी बताई गई।
राहुल गांधी ने अमेरिकी डील को “सरेंडर” कहा, तो वित्त मंत्री ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर देश बेचने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से सदन का माहौल गरमाया रहा।
पहली बार मध्यप्रदेश का कर्ज बजट से ज्यादा होने का अनुमान, नई उधारी किस्त चुकाने में जाएगी। विशेषज्ञों ने चेताया कि ब्याज और कर्ज बढ़ने से विकास कार्यों के लिए पैसा कम पड़ सकता है।
विस्तृत चर्चा
कमला परियोजना पर पर्यावरणीय द्वंद्व
अरुणाचल प्रदेश के कामेंग, क्रा दाड़ी और कुरुंग कुमे जैसे घने वनों से आच्छादित जिलों में 3,858 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,720 मेगावाट क्षमता की कमला जलविद्युत परियोजना प्रस्तावित है। लगभग तीन दशकों से लंबित इस परियोजना को केंद्र सरकार की पर्यावरण विशेषज्ञ समिति ने सशर्त पर्यावरणीय मंजूरी की अनुशंसा की है, अंतिम स्वीकृति केंद्र स्तर पर दी जानी है।
परियोजना के तहत अनुमानित 23 लाख पेड़ों की कटाई होगी, जिसे लेकर गंभीर पारिस्थितिक चिंताएँ व्यक्त की गई हैं। विशेषज्ञ समिति ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत शमन योजना, राज्य वन एवं वन्यजीव विभाग, पारिस्थितिकी विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों से परामर्श के बाद ही तैयार की जानी चाहिए, तथा वन स्वीकृति उससे पूर्व नहीं दी जानी चाहिए।
पर्यावरणीय प्रभावों के साथ सामाजिक असर भी व्यापक है। तीन जिलों के 126 गाँवों में रहने वाले लगभग 3,000 लोग प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। हालांकि परियोजना निष्पादित करने वाली एनएचपीसी का तर्क है कि इसके सामरिक और आर्थिक लाभ, विशेषकर ऊर्जा उत्पादन और क्षेत्रीय विकास, संभावित पर्यावरणीय और सामाजिक लागत से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
यह एक स्टोरेज आधारित जलविद्युत परियोजना होगी, जिससे ब्रह्मपुत्र बेसिन के डाउनस्ट्रीम में बाढ़ नियंत्रण के लिए लगभग 15 मीटर का फ्लड कुशन उपलब्ध कराया जा सकेगा। अनुमानित लागत लगभग ₹3,764 करोड़ है। यदि परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिलती है, तो यह अरुणाचल प्रदेश के वन परिदृश्य और पारिस्थितिक संतुलन पर दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ से बादली सर्दी
मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आसमान घने बादलों से ढका हुआ है और दिनभर ग्रे स्काई की स्थिति बनी रह सकती है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत कई शहरों में ओवरकास्ट हालात दर्ज किए गए हैं, जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार हिमालय के ऊपरी हिस्सों में दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक बादल और ठंडा मौसम जारी रहेगा, हालांकि फिलहाल तेज बारिश के संकेत नहीं हैं।

राज्य में रात का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि शहडोल में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरे की वापसी के आसार हैं और कई इलाकों में हल्का फॉग देखा जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक रहेगा, जहां पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में बादल और कोहरा आम रहेगा। दिल्ली एनसीआर में दिन हल्का गर्म और रातें ठंडी रह सकती हैं, साथ ही वायु गुणवत्ता के फिर से खराब श्रेणी में जाने की आशंका जताई गई है। राजस्थान और गुजरात में तापमान बढ़ने का रुझान है, दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है और पूर्वी भारत में दिन का तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि ठंड और कोहरे का यह पैटर्न अगले तीन से पांच दिनों तक जारी रह सकता है, जिसके बाद नया मौसम तंत्र तापमान और परिस्थितियों में बदलाव ला सकता है।
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