यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-120 है। मंगलवार, 20 जनवरी को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए झारखंड में HIV संक्रमित खून चढ़ाने के मामले और रूस में 60 साल की सबसे भीषण बर्फ़बारी के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
इंदौर के बाद अब दिल्ली के पानी के दूषित होने की बात सामने आई है। 7 जनवरी को विधानसभा में प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार 16 हज़ार से भी अधिक ग्राउंड वाटर संपल्स में से 55% सैमपल्स अनसेफ पाए गए हैं।
चीन में जन्मदर 1949 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। 2025 में नवजात बच्चों की संख्या में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
झारखंड में एक परिवार ने सरकारी अस्पताल में रक्त चढ़ाने के दौरान HIV संक्रमण का आरोप लगाया है। माता-पिता और बच्चे के HIV पॉजिटिव पाए जाने के बाद जांच शुरू की गई है।
जम्मू और कश्मीर के ऊपरी इलाकों को छोड़कर, चिलाई कलां के दौरान राज्य का बड़ा हिस्सा बर्फ़ की कमी से जूझता रहा। यहां जनवरी के पहले भाग में बारिश में 96 प्रतिशत की चिंताजनक कमी दर्ज की गई।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद कैंसर की महंगी दवा नाइवोलुमैब की कीमत काफी कम होने की संभावना है। भारतीय कंपनी ज़ाइडस को इसका बायोसिमिलर बनाने की अनुमति मिल सकती है, जिससे इलाज आम मरीजों की पहुंच में आएगा।
पश्चिम मध्य प्रदेश में रूफटॉप सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹256 करोड़ सब्सिडी का भुगतान किया गया है। अब तक 50,500 से ज़्यादा घरों में सोलर प्लांट लगे हैं और 33,000 से अधिक लोगों के बैंक खाते में ₹256 करोड़ सीधे DBT के ज़रिये ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
भोपाल मेट्रो शुरुआत में ही भारी घाटे का सामना कर रही है। इसका प्रतिदिन का अनुमानित खर्च 8 लाख है जबकि इसके बाद केवल 15000 रूपए प्रतिदिन ही कमाई हो रही है।
विस्तृत चर्चा
झारखंड में चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला
झारखंड के चायबासा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य-माता, पिता और बच्चा एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।
संक्रमण का कारण: परिवार का आरोप है कि जनवरी 2023 में चायबासा के सरकारी अस्पताल में सी-सेक्शन (C-section) डिलीवरी के दौरान महिला को जो खून चढ़ाया गया था, वह संक्रमित था। यह खून जिले के एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक से आया था।
मामले का खुलासा: जब महिला अपनी दूसरी गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच के लिए गई, तब उसके एचआईवी पॉजिटिव होने का पता चला। इसके बाद पति और बड़े बच्चे की जांच में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। परिवार ने सामाजिक बदनामी और भेदभाव के डर से इस मामले को पहले उजागर नहीं किया था।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और व्यापक समस्या: सरकार ने अब इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है। इसी तरह की लापरवाही के मामले पहले भी मध्य प्रदेश के सतना और झारखंड के अन्य हिस्सों में देखे गए हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
रूस में 60 साल का सबसे भीषण हिमपात
रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कमचटका प्रायद्वीप में वर्तमान में अत्यधिक बर्फबारी हो रही है, जिसने पिछले 60 वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
हिमपात के आंकड़े: जनवरी के पहले 15 दिनों में ही कुछ इलाकों में 2 से 3 मीटर तक बर्फ गिर चुकी है, जबकि दिसंबर में यह 3.5 से 4 मीटर तक पहुँच गई थी। यह इलाका मॉस्को से लगभग 6800 किलोमीटर दूर है।
जनजीवन पर प्रभाव: कमचटका एक पोर्ट सिटी है जहां सड़कों पर बर्फ के पहाड़ खड़े हो गए हैं और बिल्डिंग्स के प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद हो गए हैं। लोग अपने घरों से निकलने के लिए बर्फ की सुरंगें (tunnels) खोद रहे हैं। बर्फ इतनी अधिक है कि गाड़ियाँ पूरी तरह दब चुकी हैं और ट्रैफिक सिग्नल भी बर्फ के नीचे छिप गए हैं।
आपातकालीन स्थिति: स्कूल और सार्वजनिक परिवहन बंद कर दिए गए हैं। इस आपदा के दौरान कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत छत से गिरती बर्फ के नीचे दबने से हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति कम दबाव वाले सिस्टम (low pressure systems) और समुद्री नमी के मिलने के कारण बनी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम का पैटर्न अनप्रिडिक्टेबल (unpredictable) होता जा रहा है, जिससे दुनिया के कुछ हिस्सों में चरम मौसम (extreme weather) की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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