यह ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ के डेली मॉर्निंग पॉडकास्ट का एपिसोड-104 है। मंगलवार, 30 दिसंबर को देश भर की पर्यावरणीय ख़बरों के साथ पॉडकास्ट में जानिए अरावली परिभाषा सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले और बोत्सवाना से भारत आ रहे चीतों के बारे में।
मुख्य सुर्खियां
उत्तर प्रदेश में नकली कफ सिरप का करीब 700 करोड़ रुपये का रैकेट पकड़ा गया है। जांच में पता चला कि 2.35 करोड़ बोतलें ऐसी सिरप की थीं, जिन पर पहले ही रोक लग चुकी थी। इस मामले में 85 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के सप्लायर भी शामिल हैं। यह वही सिरप है जिसे बच्चों की मौत से जोड़ा गया है। अब यूपी सरकार ने केंद्र से कहा है कि दवाओं के हर बैच की सख्त जांच हो और थोक दवा लाइसेंस के नियम और कड़े किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली को लेकर 100 मीटर वाले नियम पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ जनता में नाराज़गी है। वन सर्वे में यह भी सामने आया कि जिन इलाकों को चिन्हित किया गया, उनमें से 90% को असल में कोई सुरक्षा नहीं मिल रही। कोर्ट ने छोटे-छोटे पहाड़ों और उनके बीच के गैप पर नए सिरे से अध्ययन कराने को कहा है और केंद्र समेत पांच राज्यों को नोटिस भेजा है।
प्रधानमंत्री के प्रोजेक्ट चीता के तहत बोत्सवाना से चीते भारत लाने को मंजूरी मिल गई है। जनवरी–फरवरी में 8 चीते बोत्सवाना से मध्य प्रदेश लाए जाएंगे। पहले इन्हें क्वारंटीन में रखा जाएगा, फिर नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। इसके लिए एक भारतीय टीम पहले ही कूनो पार्क का दौरा कर चुकी है।
भोपाल के वार्ड 55 में करीब 1000 किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि 2200 वर्गमीटर से ज्यादा जमीन, जिसकी कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये है, फर्जी दस्तावेज़ों से हड़प ली गई। इस मामले में कांग्रेस से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं पर 12 FIR दर्ज हुई हैं। किसान जमीन वापस देने और जमीन माफिया पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घने कोहरे की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर 128 फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं और 8 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया। आने और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरलाइंस ने यात्रियों को पहले से अलर्ट किया है कि देरी हो सकती है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सबसे पहले है।
इस साल मध्य प्रदेश में 55 बाघों की मौत हो चुकी है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इनमें से ज़्यादातर बाघ करंट लगने या ज़हर देने से मरे हैं। वन विभाग मान रहा है कि स्टाफ की कमी, जाल, कीटनाशक और जंगलों पर दबाव इसकी बड़ी वजह हैं। कान्हा और बांधवगढ़ में बाघों की संख्या सबसे ज्यादा है।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में रेबीज वैक्सीन की कमी के चलते एक हैरान करने वाली घटना सामने आई।कुछ ग्रामीणों ने कुत्ते के काटने के बाद भैंस के दूध का रायता लगाकर इलाज करने की कोशिश की। बाद में स्वास्थ्य टीम ने वैक्सीन लगाई। अब यह जांच हो रही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही क्यों हुई।
विस्तृत चर्चा
अरावली पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे
अरावली पहाड़ियों से जुड़े अपने ही आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। सोमवार को अदालत ने निर्देश दिया कि जब तक डोमेन एक्सपर्ट्स वाला एक हाई पावर पैनल सरकार की उस समिति की रिपोर्ट की समीक्षा नहीं कर लेता, जिसने अरावली की नई परिभाषा तय की थी, तब तक 20 नवंबर को दिया गया आदेश होल्ड पर रहेगा। इससे पहले अदालत ने सरकार की समिति की सिफारिशों के आधार पर अरावली की परिभाषा तय की थी, जिसमें कहा गया था कि ज़मीन की सतह से 100 मीटर से नीचे वाले हिस्से को अरावली नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया कुछ अहम पर्यावरणीय सवालों पर पर्याप्त विचार नहीं हुआ है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि नया फ्रेमवर्क पारिस्थितिकी को अपूरणीय नुकसान नहीं पहुंचा रहा। अपने ही फैसले पर इस तरह रोक लगाना सुप्रीम कोर्ट में दुर्लभ माना जाता है। अब आगे की समीक्षा पर यह तय होगा कि अरावली की परिभाषा और संरक्षण का ढांचा क्या होगा।
घना कोहरा और प्रदूषण से दिल्ली बेहाल
दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे और गंभीर प्रदूषण ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। 29 दिसंबर की सुबह आईजीआई एयरपोर्ट पर दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई, जिससे उड़ानों और सड़क यातायात पर असर पड़ा। एयर क्वालिटी इंडेक्स 390 से 403 के बीच दर्ज किया गया, जो बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। कोहरे के कारण कई उड़ानें रद्द और सैकड़ों फ्लाइट्स देरी से चलीं, जबकि ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी रही। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति कुछ दिन और बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सावधानी से ड्राइविंग करने और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मास्क पहनने की सलाह दी है।
बोत्सवाना से भारत आएंगे पांच चीते
बोत्सवाना से पांच अफ्रीकी चीतों को भारत लाने की तैयारी अंतिम चरण में है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर जनवरी या फरवरी में ये चीते भारत पहुंच सकते हैं। फिलहाल उन्हें बोत्सवाना में क्वारेंटीन में रखा गया है और ट्रांसलोकेशन के लिए जरूरी अंतरराष्ट्रीय अनुमतियां ली जा रही हैं। अभी यह तय नहीं हुआ है कि इन्हें गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा जाएगा या कूनो नेशनल पार्क में। बोत्सवाना में दुनिया की सबसे बड़ी जंगली चीता आबादी पाई जाती है। इससे पहले भारत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भी चीते ला चुका है। बोत्सवाना से आने वाले ये चीते प्रोजेक्ट चीता को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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