Skip to content

कटंगी में मुख्यमंत्री किसानों को देंगे धान प्रोत्साहन राशि

Image

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 सितंबर को जबलपुर के कृषि उपज मंडी, कटंगी में किसानों को प्रोत्साहन राशी देंगे। कृषि विभाग, मध्य प्रदेश से मिली जानकारी के अनुसार कटंगी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में धान उत्पादक किसानों को मुख्यमंत्री  377 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। यह राशि मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के तहत किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की जाएगी।

हजारों  किसान कार्यक्रम में होंगे शामिल

कार्यक्रम में जबलपुर संभाग के साथ ही बालाघाट सहित अन्य जिलों के लगभग 25 हजार किसानों  के शामिल होने की संभावना है। मिली जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले के 1.5 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में पंजीकृत किसान धान की बुवाई करते हैं। हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर जिले के 1 लाख से अधिक किसानों से लगभग 5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी जाती है, जिसके बदले किसानों को औसतन 1200 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है।

कार्यक्रम में कृषि एवं अन्य विभागों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें धान की उन्नत किस्मों के साथ-साथ आदिवासी अंचल में उगाई जाने वाली परंपरागत व देशज किस्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी में प्रदेश का पहला GI टैग प्राप्त बालाघाट चिन्नौर चावल व श्रीअन्न प्रदर्शनी में जिले में उत्पादित मिलेट्स (रागी, कोदो, कुटकी आदि) और उनसे बने मूल्य संवर्धित उत्पादों को दिखाया जाएगा।

प्रदर्शनी में किसानों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों से अवगत कराया जाएगा, जिनमें ड्रोन, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर, रीपर और लेजर लैंड लेवलर जैसे उन्नत कृषि यंत्र, सोलर लाइट ट्रैप का अनुप्रयोग, रागी, तिल, मूंग और उड़द की ग्रीष्मकालीन खेती की तकनीक भी शामिल है।

इसके अंतर्गत सहकारिता विभाग ‘सहकार से समृद्धि’ योजना के अंतर्गत पैक्स कंप्यूटरीकरण, सीएससी सेंटर और पीएम जन औषधि केंद्र का प्रदर्शन करेगा। उद्यानिकी विभाग उन्नत सिंचाई तकनीक जैसे स्प्रिंकलर और ड्रीप सिंचाई का मॉडल प्रस्तुत करेगा। मत्स्य विभाग प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और जिले में बने नवाचार निषादराज भवन की झलक दिखाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिले में डेयरी उद्योग की संभावनाओं और योजनाओं की जानकारी देगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण करेंगे। साथ ही जिले की कई परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे।

भारत में स्वतंत्र पर्यावरण पत्रकारिता को जारी रखने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट को आर्थिक सहयोग करें।


यह भी पढ़ें

वेयरहाउस संचालकों द्वारा मूंग तुलाई का विरोध बना किसानों के लिए संकट

एशिया की सबसे बुजुर्ग हथिनी ‘वत्सला’ की अविस्मर्णीय कहानी


ग्राउंड रिपोर्ट में हम कवर करते हैं पर्यावरण से जुड़े ऐसे मसलों को जो आम तौर पर नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं।

पर्यावरण से जुड़ी खबरों के लिए ग्राउंड रिपोर्ट को फेसबुकट्विटर,और इंस्टाग्राम पर फॉलो करें। अगर आप हमारा साप्ताहिक न्यूज़लेटर अपने ईमेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिककरें। रियल-टाइम अपडेट के लिए हमारी वॉट्सएप कम्युनिटी से जुड़ें; यूट्यूब पर हमारी वीडियो रिपोर्ट देखें।


आपका समर्थन  अनदेखी की गई आवाज़ों को बुलंद करता है– इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आपका धन्यवाद।

Author

Support Ground Report to keep independent environmental journalism alive in India

We do deep on-ground reports on environmental, and related issues from the margins of India, with a particular focus on Madhya Pradesh, to inspire relevant interventions and solutions. 

We believe climate change should be the basis of current discourse, and our stories attempt to reflect the same.

Connect With Us

Send your feedback at greport2018@gmail.com

Newsletter

Subscribe our weekly free newsletter on Substack to get tailored content directly to your inbox.

When you pay, you ensure that we are able to produce on-ground underreported environmental stories and keep them free-to-read for those who can’t pay. In exchange, you get exclusive benefits.

Your support amplifies voices too often overlooked, thank you for being part of the movement.

EXPLORE MORE

LATEST

mORE GROUND REPORTS

Environment stories from the margins